सऊदी अरब ने हज 2026 (1447 AH) के लिए बहुत कड़े नियम जारी किए हैं। बिना परमिट के हज करने वालों और उनकी मदद करने वालों पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मकसद लाखों जायरीन की सुरक्षा और भीड़ को सही तरीके से मैनेज करना है।
बिना परमिट हज करने पर कितना लगेगा जुर्माना?
सऊदी सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त पेनल्टी तय की है। अगर कोई व्यक्ति बिना वैध परमिट के हज करता है, तो उस पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं, जो लोग बिना परमिट वाले जायरीन को रहने, आने-जाने या वीज़ा दिलाने में मदद करेंगे, उन्हें 1,00,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना देना होगा। इसके अलावा ऐसे लोगों को डिपोर्ट किया जा सकता है और 10 साल तक सऊदी अरब आने पर पाबंदी लग सकती है। अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों को भी ज़ब्त कर लिया जाएगा।
हज 2026 की तारीखें और जरूरी स्वास्थ्य नियम क्या हैं?
हज 2026 के मुख्य अनुष्ठान 25 मई से 30 मई 2026 के बीच होने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय जायरीन 18 अप्रैल से 21 मई के बीच सऊदी अरब पहुंच सकते हैं। स्वास्थ्य के मोर्चे पर सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं।
- पोलियो और मेनिनजाइटिस के टीके अनिवार्य हैं।
- मान्यता प्राप्त अस्पताल से फिटनेस सर्टिफिकेट देना होगा।
- गर्भवती महिलाएं जो अपने आखिरी दो महीने में हैं, उन्हें अनुमति नहीं मिलेगी।
- गंभीर संक्रामक बीमारियों वाले लोग हज नहीं कर पाएंगे।
Nusuk प्लेटफॉर्म और उमराह वीज़ा के नए नियम
अब हज से जुड़ी सारी प्रक्रिया Nusuk प्लेटफॉर्म के जरिए होगी। वीज़ा आवेदन, होटल बुकिंग और ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था इसी ऐप से पहले से बुक करनी होगी। उमराह वीज़ा धारकों के लिए नियम बदल गए हैं और सिंगल एंट्री उमराह वीज़ा की वैधता अब केवल एक महीने की होगी।
सभी उमराह जायरीन को 18 अप्रैल 2026 तक मक्का छोड़ना होगा। 13 अप्रैल 2026 से मक्का में केवल वही लोग प्रवेश कर सकेंगे जिनके पास स्पेशल परमिट, आधिकारिक निवास दस्तावेज, वैध हज परमिट या Tasrih और Absher जैसे प्लेटफॉर्म से जारी इलेक्ट्रॉनिक वर्क परमिट होगा।