सऊदी अरब ने 2026 के हज सीजन के लिए बहुत कड़े नियम लागू किए हैं। अब केवल वही लोग मक्का और पवित्र स्थलों में जा पाएंगे जिनके पास आधिकारिक हज परमिट होगा। विज़िट वीज़ा पर आने वाले लोगों को हज करने की अनुमति नहीं होगी और नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
बिना परमिट हज करने पर क्या होगी सज़ा?
सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री और हज मिनिस्ट्री ने साफ कर दिया है कि विज़िट वीज़ा धारक हज नहीं कर सकते। अगर कोई व्यक्ति बिना परमिट के हज करने की कोशिश करेगा, तो उसे 20,000 रियाल (लगभग 5,300 डॉलर) तक का जुर्माना देना होगा।
जो निवासी या ओवरस्टेयर बिना परमिट के पाए जाएंगे, उन्हें सऊदी अरब से डिपोर्ट कर दिया जाएगा और अगले 10 साल तक देश में आने की मनाही होगी। साथ ही, जो लोग या कंपनियां अवैध तीर्थयात्रियों को होटल, घर या ट्रांसपोर्ट मुहैया कराएंगे, उन पर 1 लाख रियाल तक का भारी जुर्माना लग सकता है।
हज 2026 की जरूरी तारीखें और नियम क्या हैं?
- हज की संभावित तारीख: 2026 में हज 25 मई से 30 मई के बीच होने की उम्मीद है।
- उमराह की समय सीमा: उमराह यात्रियों के लिए सऊदी छोड़ने की आखिरी तारीख 18 अप्रैल 2026 थी, इसके बाद रुकना कानूनन गलत माना जाएगा।
- परमिट और बुकिंग: सभी होटल और ट्रांसपोर्ट की बुकिंग सरकारी Nusuk ऐप के जरिए पहले से करना अनिवार्य है।
- वैक्सीनेशन: यात्रियों को मेनिन्जाइटिस (ACYW) वैक्सीन का सर्टिफिकेट दिखाना होगा, जो यात्रा से कम से कम 10 दिन पहले लगा हो। कुछ लोगों के लिए पोलियो वैक्सीन भी जरूरी है।
भारतीय प्रवासियों और यात्रियों पर क्या असर होगा?
हज के कड़े नियमों की वजह से कुवैत में भारतीय दूतावास ने 15 अप्रैल 2026 से सऊदी ट्रांजिट वीज़ा की सुविधा बंद कर दी है। इसका सीधा असर उन भारतीयों पर पड़ेगा जो अक्सर सऊदी अरब की यात्रा करते हैं।
सऊदी सरकार ने सिंगल एंट्री उमराह वीज़ा की वैधता भी घटाकर अब केवल एक महीना कर दी है। इसलिए प्रवासियों और यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना इन नए नियमों के हिसाब से बनानी होगी ताकि उन्हें किसी भी कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।