मदीना एयरपोर्ट पर रूसी हज यात्रियों का स्वागत शुरू हो गया है। सऊदी अरब ने 2026 के हज सीजन के लिए रूस के मुसलमानों को 25,000 स्लॉट दिए हैं। इस बार प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमों को लेकर बहुत सख्ती बरती है ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो।

रूसी यात्रियों के लिए क्या हैं व्यवस्था और कोटा

सऊदी अरब और रूस के बीच एक द्विपक्षीय समझौता हुआ है, जिस पर रूस के हज कमिश्नर Ilyas Umakhanov और सऊदी हज एवं उमराह मंत्री Tawfiq bin Fawzan al-Rabi’ah ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत रूसी मुसलमानों के लिए 25,000 स्लॉट तय किए गए हैं।

  • रूसी प्रतिनिधिमंडल के संगठन और यात्रियों के अनुशासन की सऊदी अधिकारियों ने तारीफ की है।
  • हर रूसी ग्रुप के साथ मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है।
  • मदीना एयरपोर्ट पर यात्रियों को शैक्षिक उपहार और कई भाषाओं में गाइडेंस देने की पहल शुरू की गई है।

बिना परमिट हज करने वालों पर लगेगा भारी जुर्माना

सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री ने हज 2026 के लिए बहुत सख्त नियम लागू किए हैं। जो लोग बिना आधिकारिक परमिट के हज करने की कोशिश करेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ये नियम धुल कादा के पहले दिन से धुल हिज्जा की 14 तारीख तक लागू रहेंगे।

  • बिना परमिट हज करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
  • नियम तोड़ने वालों को डिपोर्ट किया जाएगा और उन पर 10 साल तक सऊदी अरब में दोबारा प्रवेश करने की रोक रहेगी।
  • विजिट वीज़ा रखने वाले लोग बिना हज परमिट के मक्का में नहीं रह सकेंगे और न ही वहां प्रवेश कर पाएंगे।

सऊदी और रूस के बीच वीज़ा छूट का नया नियम

11 मई 2026 से सऊदी अरब और रूस के बीच एक आपसी वीज़ा छूट समझौता लागू हो गया है। इसके तहत दोनों देशों के नागरिक छोटी यात्राओं के लिए बिना वीज़ा के एक-दूसरे के देश जा सकते हैं।

हालांकि, आम यात्रियों के लिए यह सुविधा है, लेकिन हज और उमराह के लिए यह नियम लागू नहीं होगा। रूसी नागरिकों को हज और उमराह की यात्रा के लिए अभी भी स्पेशल वीज़ा लेना अनिवार्य होगा। इस समझौते के तहत नागरिक एक कैलेंडर वर्ष में लगातार 90 दिनों तक बिना वीज़ा यात्रा कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रूसी नागरिकों के लिए वीज़ा छूट का नया नियम क्या है?

11 मई 2026 से लागू हुए समझौते के तहत रूस और सऊदी अरब के नागरिक 90 दिनों तक बिना वीज़ा यात्रा कर सकते हैं। लेकिन यह छूट सिर्फ सामान्य दौरों के लिए है, हज और उमराह के लिए अभी भी विशेष वीज़ा लेना होगा।

बिना हज परमिट के यात्रा करने पर क्या सजा मिलेगी?

बिना आधिकारिक परमिट के हज करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा। साथ ही उन्हें डिपोर्ट कर दिया जाएगा और 10 साल तक सऊदी अरब में दोबारा आने की मनाही होगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.