Saudi Arabia Hajj 2026 Rules: हज यात्रियों की सुरक्षा के लिए सऊदी सरकार का बड़ा फैसला, भ्रष्टाचार रोकने के लिए लागू होंगे सख्त नियम

सऊदी अरब में हज 2026 की तैयारियां जोरों पर हैं और सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। अब भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (Anti-Corruption Commission) सीधे तौर पर हज व्यवस्था की निगरानी करेगा ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। इसके साथ ही बिना परमिट के मक्का जाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और स्वास्थ्य नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

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भ्रष्टाचार पर लगाम और यात्रियों की सुरक्षा के नए इंतज़ाम

सऊदी अरब के भ्रष्टाचार विरोधी आयोग ने ऐलान किया है कि वह हज के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू करेगा। इस काम के लिए अटॉर्नी जनरल और आयोग के प्रमुख के बीच एक अहम बैठक हुई है जिसमें पारदर्शिता बढ़ाने और सार्वजनिक फंड की सुरक्षा पर चर्चा की गई। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी निर्देश दिए हैं कि मक्का, मदीना और पवित्र स्थलों पर यात्रियों को बेहतरीन सुविधाएं और सुरक्षा मिले।

बिना परमिट मक्का जाना पड़ेगा भारी, लगेगा 1 लाख तक का जुर्माना

मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि ‘बिना परमिट हज नहीं’ के नियम का सख्ती से पालन होगा। 13 अप्रैल 2026 से मक्का में प्रवेश के लिए आधिकारिक परमिट जरूरी कर दिया गया है। जो लोग बिना परमिट के यात्रियों को मक्का ले जाएंगे, उन पर 1 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा 18 अप्रैल के बाद केवल हज वीज़ा धारकों को ही मक्का और पवित्र स्थलों में रहने की अनुमति होगी और उमराह वीज़ा धारकों को इस तारीख तक सऊदी अरब छोड़ना होगा।

वैक्सीनेशन और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग सिस्टम के नए नियम

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी यात्रियों के लिए मेनिंगोकोकल मेनिनजाइटिस (ACYW 135) का टीका अनिवार्य कर दिया है। 65 साल से ऊपर के बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए कोविड-19 वैक्सीन भी जरूरी है और ये टीके यात्रा से कम से कम 10 दिन पहले लगवाने होंगे। वहीं हज मंत्रालय ने कैंपों में आने-जाने वालों की निगरानी के लिए नए इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग सिस्टम शुरू किए हैं ताकि भीड़ को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सके।