सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने हज 2026 के लिए सुरक्षा और सुरक्षा गाइड जारी कर दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि केवल वही लोग हज कर पाएंगे जिनके पास आधिकारिक परमिट होगा। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और भारतीय नागरिकों को बहुत सावधान रहने की जरूरत है।
बिना परमिट हज करने पर कितना जुर्माना और क्या सजा मिलेगी?
सऊदी आंतरिक मंत्रालय और हज एवं उमराह मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि बिना आधिकारिक परमिट के हज करना गैरकानूनी होगा। जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा:
- अनधिकृत तीर्थयात्रियों के लिए: 20,000 सऊदी रियाल (लगभग 5,300 डॉलर) तक का जुर्माना भरना होगा।
- विदेशी निवासियों के लिए: नियम तोड़ने वाले प्रवासियों को सऊदी अरब से डिपोर्ट किया जा सकता है और उन पर 10 साल तक दोबारा आने पर रोक लगाई जा सकती है।
- मदद करने वालों के लिए: जो लोग बिना परमिट के हज कराने में मदद करेंगे, उन पर 100,000 रियाल तक का जुर्माना लगेगा।
मक्का में एंट्री और वीज़ा से जुड़े नए नियम क्या हैं?
मक्का शहर में प्रवेश और वीज़ा के नियमों को लेकर सरकार ने सख्त समय सीमा तय की है, जिससे आम यात्रियों और प्रवासियों पर सीधा असर पड़ेगा:
- एंट्री परमिट: 13 अप्रैल 2026 से मक्का में प्रवेश करने के लिए आधिकारिक परमिट होना जरूरी है। केवल मक्का के निवासी या जिनके पास वर्क परमिट है, उन्हें छूट मिलेगी।
- वीज़ा प्रतिबंध: 18 अप्रैल 2026 से केवल हज वीज़ा वाले लोग ही मक्का में रह पाएंगे। टूरिस्ट, उमराह, विजिट या बिजनेस वीज़ा अब हज के लिए मान्य नहीं होंगे।
- उमराह पर रोक: 18 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 तक सऊदी नागरिकों, GCC देशों के लोगों और निवासियों के लिए उमराह परमिट जारी नहीं किए जाएंगे।
सेहत की शर्तें और नुसुक कार्ड की क्या अहमियत है?
हज के दौरान भीड़ को संभालने और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सरकार ने नए इंतज़ाम किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुछ गंभीर बीमारियों जैसे किडनी फेल्योर, गंभीर दिल की बीमारी और लिवर सिरोसिस वाले लोगों को हज परमिट न देने का फैसला किया है।
सभी तीर्थयात्रियों के लिए मेनिंगोकोकल मेनिनजाइटिस वैक्सीन का एक डोज हज से कम से कम 10 दिन पहले लेना अनिवार्य है। इसके अलावा, Nusuk Card एक अनिवार्य स्मार्ट आईडी बन गया है। इसमें यात्री की व्यक्तिगत, मेडिकल और रहने की जानकारी होगी, जिससे भीड़ का प्रबंधन और मेडिकल इमरजेंसी में मदद मिल सकेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिना परमिट हज करने पर प्रवासियों को क्या सजा मिल सकती है?
बिना परमिट हज करने पर 20,000 रियाल का जुर्माना लग सकता है। साथ ही विदेशी निवासियों को डिपोर्ट किया जा सकता है और उन पर 10 साल का बैन लगाया जा सकता है।
क्या टूरिस्ट या उमराह वीज़ा पर हज किया जा सकता है?
नहीं, 18 अप्रैल 2026 से केवल हज वीज़ा धारकों को ही मक्का में रहने और हज करने की अनुमति होगी। अन्य किसी भी वीज़ा पर हज करना प्रतिबंधित है।
