सऊदी अरब ने हज यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। मक्का के डिप्टी अमीर प्रिंस सऊद बिन मिशाल ने ऐलान किया है कि सऊदी सरकार हज सेवाओं को लगातार और बेहतर बनाने के लिए काम करती रहेगी। साल 2026 के इस हज सीजन में करीब 16 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अराफात के मैदान में हज के मुख्य पड़ाव को पूरा किया है, जहां आधुनिक टेक्नोलॉजी और ड्रोन की मदद से नई सुविधाएं दी जा रही हैं। किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देशों पर सभी सरकारी विभागों को यात्रियों की सेवा में लगाया गया है।

सऊदी अरब में हज यात्रियों को क्या नई डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी?

इस बार हज यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए खास तैयारी की गई है। जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविऐशन (GACA) ने पहली बार पवित्र स्थानों पर ड्रोन से जीवन रक्षक दवाएं और मेडिकल सामान पहुंचाने की मंजूरी दी है। यह काम टेरा ड्रोन अरेबिया (Terra Drone Arabia) नाम की कंपनी को सौंपा गया है। इसके अलावा, सऊदी गृह मंत्रालय भीड़ को संभालने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

भीषण गर्मी और तापमान को लेकर प्रशासन की क्या है तैयारी?

हज के दौरान मीना और अराफात में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस भीषण गर्मी से निपटने के लिए प्रशासन ने जगह-जगह पानी के फव्वारे और कूलिंग स्टेशन बनाए हैं। हज और उमराह मंत्रालय ने मीना के टेंटों में रहने, खाने-पीने और साफ-सफाई की व्यवस्था की खुद जांच की है। 25 मई को लगभग 15 लाख से अधिक यात्री मीना पहुंचे थे, जिसके बाद 26 मई को 16 लाख से ज्यादा लोग अराफात के मैदान में इकट्ठा हुए। अराफात के खुतबे को इस बार 35 भाषाओं में ट्रांसलेट कर दुनिया भर के लगभग 1 अरब लोगों तक पहुंचाया गया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में हज यात्रियों के लिए क्या नया डिजिटल बदलाव किया गया है?

हज 2026 के लिए सऊदी अरब ने पहली बार ड्रोन के जरिए दवाएं पहुंचाने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस बार हज यात्रा में कितने लोगों ने हिस्सा लिया और मौसम कैसा है?

इस बार लगभग 16 लाख से अधिक तीर्थयात्री अराफात के मैदान में पहुंचे हैं। मीना और अराफात में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है, जिसके लिए प्रशासन ने जगह-जगह कूलिंग स्टेशन लगाए हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.