सऊदी अरब ने हज यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी दी है। अब आने वाले 8 सालों तक हज का सफर गर्मियों की झुलसाने वाली धूप में नहीं बल्कि बसंत (Spring) के सुहावने मौसम में होगा। नेशनल सेंटर फॉर मेटियोरोलॉजी (NCM) ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है जिससे लाखों जायरीन अब बिना किसी भारी तनाव के अपनी इबादत पूरी कर सकेंगे।
हज 2026 की तारीखें और मौसम बदलने की वजह क्या है?
नेशनल सेंटर फॉर मेटियोरोलॉजी के प्रवक्ता हुसैन अल काहतानी ने बताया कि साल 2025 की हज आखिरी ऐसी हज थी जो भीषण गर्मी के समय आई थी। अब साल 2026 (1447 AH) से हज का सीजन बसंत ऋतु में शुरू हो रहा है। यह बदलाव इस्लामिक चंद्र कैलेंडर की वजह से हुआ है क्योंकि हर साल हज की तारीखें करीब 10 से 11 दिन पहले खिसक जाती हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को लू और हीटस्ट्रोक जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
साल 2026 के लिए संभावित तारीखें इस प्रकार हैं:
- तरविया का दिन (8 धुल-हिज्जा): 25 मई 2026, सोमवार
- अराफात का दिन (9 धुल-हिज्जा): 26 मई 2026, मंगलवार
- ईद अल-अधा का पहला दिन (10 धुल-हिज्जा): 27 मई 2026, बुधवार
हालांकि, ये तारीखें चांद दिखने के आधार पर बदल भी सकती हैं।
हज 2026 के लिए सेहत और सफर के नए नियम क्या हैं?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2026 की हज के लिए कुछ जरूरी टीके अनिवार्य किए हैं। जायरीनों को मेनिनगोकोकल मेनिनजाइटिस वैक्सीन लगवानी होगी अगर उन्होंने पिछले पांच सालों में इसे नहीं लिया है। इसके अलावा, मौसमी इन्फ्लुएंजा वैक्सीन भी जरूरी है। सफर को आसान बनाने के लिए सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सभी राष्ट्रीय संसाधनों को पूरी तरह तैनात करने का निर्देश दिया है।
सिंगापुर जैसे देशों ने भी अपने यात्रियों के लिए नए नियम लागू किए हैं। वहां के 900 यात्रियों के लिए नुसुक (Nusuk) कार्ड अनिवार्य कर दिए गए हैं और उनके लिए सीधी फ्लाइट्स का इंतजाम किया गया है। सऊदी अरब ने 22 अप्रैल 2026 को ही हज सीजन की आधिकारिक शुरुआत कर दी थी और यात्री 21 अप्रैल से ही देश पहुंचने लगे थे।
अगले कई सालों तक हज का शेड्यूल कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के मुताबिक, हज का समय अब एक चक्र में चलेगा जिससे यात्रियों को सुविधा होगी। आने वाले समय का अनुमानित शेड्यूल इस तरह है:
| समय काल | मौसम का सीजन |
|---|---|
| 2026 से 2033 | बसंत ऋतु (Spring) |
| 2034 से 2041 | सर्दी का मौसम (Winter) |
| 2042 से 2049 | पतझड़ का मौसम (Autumn) |
| 2050 (1471 AH) | वापस गर्मी का मौसम (Summer) |
इस पूरी तैयारी को परखने के लिए 6 मई 2026 को एक खास वर्कशॉप भी आयोजित की जाएगी ताकि मौसम के हिसाब से यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें।