सऊदी अरब सरकार ने हज 1447 हिजरी (वर्ष 2026) के लिए एक बड़ा और आसान नियम पेश किया है। अब हज पर जाने वाले यात्रियों को कुर्बानी देने के लिए मंडियों के चक्कर नहीं काटने होंगे। ‘अदाही’ (Adahi) प्रोजेक्ट के तहत तीर्थयात्री अब ऑनलाइन और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से अपनी कुर्बानी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यह पूरा सिस्टम शरीयत के नियमों और स्वास्थ्य मानकों के अनुसार काम करेगा, जिससे लाखों प्रवासियों और भारतीय तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

हज यात्रियों को ‘अदाही’ प्रोजेक्ट से कैसे मिलेगा फायदा?

हज और उमराह मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. गसान अल-नुअैमी ने बताया कि ‘अदाही’ प्रोजेक्ट के जरिए तीर्थयात्री आसानी से अपनी कुर्बानी (हदी) ऑनलाइन खरीद और बुक कर सकते हैं। इस साल ईद-अल-अधा और तशरीक के दिनों में लगभग 8 लाख से अधिक पशुओं की कुर्बानी की क्षमता रखी गई है। उप महाप्रबंधक इंजीनियर सिराज फलाली ने जानकारी दी कि इस सीजन में कुल क्षमता को बढ़ाकर लगभग 10 लाख पशुओं तक किया गया है, जिसके लिए 20,000 से अधिक मौसमी कर्मचारियों को काम पर लगाया गया है।

  • नुसुक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल: तीर्थयात्री नुसुक (Nusuk) मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।
  • आधुनिक तकनीक: इस बार कुर्बानी की गिनती के लिए एआई (Artificial Intelligence) और ऑटोमैटिक वजन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • तेज प्रोसेसिंग: यह सिस्टम इतना तेज है कि इसमें हर 7 सेकेंड में एक कुर्बानी की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर बनाए गए कड़े नियम

सऊदी अरब के पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय (MEWA) ने पशुओं की सुरक्षा को लेकर कड़े नियम तय किए हैं। वर्ष 2020 के बाद से बीमारियों के खतरे को देखते हुए केवल भेड़ और बकरियों की कुर्बानी की ही इजाजत दी गई है। सभी जानवरों की जांच पशु डॉक्टरों द्वारा की जाती है और काम करने वाले कर्मचारियों का भी मेडिकल टेस्ट अनिवार्य किया गया है।

हज और उमराह मंत्री डॉ. तौफीक अल-रबिया ने खुद मीना में जाकर इस पूरे प्रोजेक्ट की तैयारियों का जायजा लिया। इस बार कुर्बानी का मांस न केवल मक्का और सऊदी अरब के स्थानीय लोगों में बांटा जाएगा, बल्कि हज सीजन खत्म होने के बाद इसे दुनिया के 27 अन्य देशों में भी जरूरतमंदों के बीच भेजा जाएगा। इसके लिए 500 से ज्यादा चैरिटेबल संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अदाही प्रोजेक्ट के तहत कुर्बानी ऑनलाइन बुक की जा सकती है?

हां, तीर्थयात्री नुसुक (Nusuk) ऐप या डिजिटल पेमेंट गेटवे के जरिए बेहद आसानी से अपनी कुर्बानी ऑनलाइन बुक और अधिकृत कर सकते हैं।

इस बार कुर्बानी के लिए कौन से जानवर उपलब्ध होंगे?

स्वास्थ्य सुरक्षा और बीमारियों से बचाव के नियमों के तहत केवल भेड़ और बकरियों की कुर्बानी की ही अनुमति दी गई है।

कुर्बानी के मांस का वितरण कैसे किया जाएगा?

कुर्बानी का मांस सऊदी अरब के स्थानीय लोगों के साथ-साथ दुनिया के 27 देशों में रहने वाले जरूरतमंदों के बीच वितरित किया जाएगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com