सऊदी अरब में चल रहे हज 1447H के बीच एक बहुत ही राहत देने वाली खबर सामने आई है। अयाम अल-तशरीक के पहले दिनों में पवित्र स्थलों यानी अल-माशायर में हवा की गुणवत्ता काफी अच्छी पाई गई है। सऊदी सरकार द्वारा हरियाली बढ़ाने के लिए किए गए कामों का असर अब साफ दिखने लगा है, जिससे हज यात्रियों को सांस लेने में कोई परेशानी नहीं हो रही है और वे अपनी इबादत सुकून से कर पा रहे हैं।
पवित्र स्थलों में हवा की गुणवत्ता को लेकर क्या है ताजा अपडेट?
अखबार24 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मक्का और अन्य पवित्र स्थलों में हवा की गुणवत्ता के लिए ग्रीन इंडिकेटर मिले हैं, जिसका मतलब है कि हवा पूरी तरह से साफ और सुरक्षित है। इस सुधार के पीछे सऊदी सरकार का एक बड़ा प्रयास शामिल है:
- माशायर ग्रीन पहल (Mashaer Green Initiative): इस योजना की शुरुआत साल 2025 में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य पवित्र स्थलों में पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण को सुधारना है।
- अब तक इन पवित्र इलाकों में 60,000 से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं, जिसकी वजह से हरित क्षेत्र तीन गुना तक बढ़ गया है।
- इसी हरियाली की वजह से इस साल हज के दौरान प्रदूषण बेहद कम स्तर पर है और हवा एकदम साफ बनी हुई है।
मंत्रालयों और अधिकारियों ने हज व्यवस्था पर क्या जानकारी दी?
हज और उमराह मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता गसान बिन राशिद अल-नुवैमी ने बताया कि इस बार व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है। पिछले साल के मुकाबले इस बार गड़बड़ियों या शिकायतों में 39% से अधिक की कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा प्रशासन ने कई और महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं:
- नुसुक कार्ड (Nusuk Card): हज यात्रियों की पहचान और डेटा प्रबंधन के लिए बने इस डिजिटल कार्ड के जरिए अब तक 40 लाख से अधिक बार स्कैनिंग की जा चुकी है, जिससे फील्ड वेरिफिकेशन काफी तेज हो गया है।
- अदाही परियोजना (Adahi Project): कुर्बानी की रस्म को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए इस बार 8 लाख से अधिक जानवरों की कुर्बानी की क्षमता तैयार की गई है, जिसमें लोगों के लिए ऑनलाइन खरीदारी का विकल्प भी शामिल है।
- गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तलाल बिन अब्दुलमोहसेन बिन शलहूब ने पुष्टि की है कि सभी हज यात्री सुरक्षित रूप से मीना वापस पहुंच गए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पवित्र स्थलों में हवा साफ होने का मुख्य कारण क्या है?
सऊदी सरकार की ‘माशायर ग्रीन’ पहल के तहत पवित्र स्थलों में 60,000 से अधिक पेड़ लगाए गए हैं, जिससे वहां का हरित क्षेत्र तीन गुना बढ़ गया है और हवा की गुणवत्ता बहुत बेहतर हुई है।
इस बार हज व्यवस्थाओं में कितना सुधार देखा गया है?
हज और उमराह मंत्रालय के अनुसार, बेहतर प्लानिंग के कारण पिछले साल की तुलना में इस बार शिकायतों और कमियों में 39% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।