सऊदी अरब में हज 1447 हिजरी की शुरुआत के साथ ही बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बहुत बड़े इंतजाम किए गए हैं। बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के बावजूद बड़ी संख्या में बुजुर्ग हाजी बिना किसी परेशानी के अपनी इबादत पूरी कर रहे हैं। सऊदी सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों और वॉलंटियर्स की मदद से इन्हें मैदान में हर संभव सहायता दी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री से लेकर सामाजिक विकास मंत्रालय तक ने इसके लिए खास डिजिटल और जमीनी प्लान तैयार किया है ताकि हर बुजुर्ग हाजी सुरक्षित तरीके से हज पूरा कर सके।

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बुजुर्ग और दिव्यांग हाजियों के लिए कौन सी खास सुविधाएं हैं?

सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय और हरम शरीफ की जनरल अथॉरिटी ने बुजुर्ग और दिव्यांग हाजियों के लिए कई खास इंतजाम किए हैं ताकि उन्हें भीड़ में कोई परेशानी न हो। इन सुविधाओं में निम्नलिखित चीजें शामिल हैं:

  • इलेक्ट्रिक गाड़ियां और व्हीलचेयर: तवाफ और सई करने के लिए खास इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इंतजाम किया गया है और व्हीलचेयर के चलने के लिए अलग से ट्रैक बनाए गए हैं।
  • विशेष टॉयलेट्स और रास्ते: पवित्र स्थलों पर व्हीलचेयर के इस्तेमाल के लिए आसान सीढ़ियां, ढलान और स्वतंत्र टॉयलेट बनाए गए हैं।
  • दृष्टिबाधित हाजियों के लिए मदद: दृष्टिबाधित लोगों के लिए ब्रेल लिपि वाले कुरान, सफेद छड़ी और दिशा बताने वाले खास बोर्ड लगाए गए हैं।
  • सुनने में असमर्थ लोगों के लिए सुविधा: उनके लिए स्पेशल हेडफोन और सांकेतिक भाषा (Sign Language) के एक्सपर्ट्स को मैदान में तैनात किया गया है।

सेहत पर नजर रखने के लिए स्मार्टवॉच और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल

सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्री प्रोफेसर फहद बिन अब्दुर्रहमान अल-जलाजेल ने बताया कि इस बार हज के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को बहुत ज्यादा हाईटेक बनाया गया है। बुजुर्ग हाजियों की सेहत और उनके शरीर के जरूरी लक्षणों पर दूर से ही नजर रखने के लिए उन्हें स्मार्टवॉच दी जा रही हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में दवाइयां और जरूरी मेडिकल सामान तेजी से पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही वर्चुअल हेल्थ केयर और रोबोटिक सिस्टम के जरिए डॉक्टरों की टीम हाजियों की मदद के लिए हर समय तैयार खड़ी है।

बिना परमिट हज करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि बिना वैध हज परमिट के किसी भी व्यक्ति को मक्का में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। मंत्रालय ने सख्त संदेश दिया है कि “बिना परमिट कोई हज नहीं” नियम का पालन करना हर किसी के लिए जरूरी है। मक्का में प्रवेश के नियमों को कड़ा कर दिया गया है और इसका उल्लंघन करने वालों पर भारी कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा। उमराह वीजा वाले यात्रियों के लिए सऊदी अरब से वापस जाने की आखिरी तारीख 18 अप्रैल 2026 तय की गई थी और उसके बाद से उमराह परमिट जारी करने पर अस्थायी रोक लगी हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बुजुर्ग हाजियों की सेहत की निगरानी के लिए क्या व्यवस्था है?

बुजुर्ग हाजियों की सेहत पर नजर रखने के लिए स्मार्टवॉच दी गई हैं, जिससे उनके शरीर के जरूरी लक्षणों की मॉनिटरिंग की जाती है। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में दवाएं पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

क्या मक्का में प्रवेश के लिए परमिट जरूरी है?

हां, मक्का में प्रवेश के लिए आधिकारिक हज परमिट होना अनिवार्य है। बिना परमिट के प्रवेश करने पर कड़े कानूनी जुर्माने और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।