Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब का नया फरमान, विज़िट वीज़ा वालों को मक्का ले जाने पर लगेगा 1 लाख रियाल जुर्माना
सऊदी अरब ने हज सीजन के लिए नियमों को बहुत सख्त कर दिया है। आंतरिक मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि विज़िट वीज़ा धारकों को मक्का या पवित्र स्थलों पर ले जाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह नियम विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिनके पास हज का आधिकारिक परमिट नहीं है और सरकार इसकी कड़ी निगरानी कर रही है।
जुर्माना और सजा के नियम क्या हैं?
सऊदी आंतरिक मंत्रालय के मुताबिक, किसी भी तरह के विज़िट वीज़ा पर आए व्यक्ति को मक्का या पवित्र स्थलों पर ले जाने वाले व्यक्ति पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। यह जुर्माना इस आधार पर बढ़ाया जा सकता है कि कितने लोगों को अवैध रूप से ले जाया गया है।
- मदद करने वालों पर कार्रवाई: जो लोग विज़िट वीज़ा धारकों को रहने की जगह देंगे या उन्हें छिपाकर रखेंगे, उन्हें भी भारी जुर्माने का सामना करना होगा।
- गाड़ी की ज़ब्ती: परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को सरकार ज़ब्त कर सकती है, चाहे वह गाड़ी ट्रांसपोर्टर की हो या किसी सहयोगी की।
- बिना परमिट हज: बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वालों या मक्का में रहने वाले विज़िट वीज़ा धारकों पर 20 हज़ार रियाल तक का जुर्माना लगेगा।
- डिपोर्टेशन: अवैध रूप से रहने वाले या वीज़ा अवधि खत्म होने के बाद रुकने वाले लोगों को देश से निकाल दिया जाएगा और उन पर 10 साल का री-एंट्री बैन लगाया जाएगा।
नियम कब तक लागू रहेंगे और शिकायत कैसे करें?
यह सख्त नियम इस साल 1 धुल-क़ादा (19 अप्रैल) से शुरू होकर 14 धुल-हिज्जा (31 मई) तक लागू रहेंगे। सरकार ने साफ किया है कि केवल हज वीज़ा वाले लोगों को ही हज करने की अनुमति है, बाकी किसी भी वीज़ा पर यह अधिकार नहीं मिलता है।
मंत्रालय ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी नियम के उल्लंघन की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत के लोग 911 नंबर पर कॉल कर सकते हैं, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोग 999 नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सऊदी प्रवासियों के लिए आर्थिक अपडेट
प्रवासियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े भी सामने आए हैं। फरवरी 2026 में सऊदी अरब से विदेशों में भेजे गए पैसों में 2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जो घटकर 12.55 अरब रियाल रह गया। हालांकि, साल 2025 में यह आंकड़ा रिकॉर्ड 165.5 अरब रियाल तक पहुंच गया था, जो पिछले साल के मुकाबले 15 प्रतिशत ज़्यादा था।
इसके अलावा, नवंबर 2025 में एक बड़े अभियान के दौरान एक ही हफ्ते में 14,916 प्रवासियों को रेजिडेंसी और लेबर नियमों के उल्लंघन के कारण सऊदी अरब से डिपोर्ट किया गया था।