सऊदी अरब में धार्मिक मामलों की प्रेसीडेंसी ने मदीना में पैगंबर की मस्जिद (Prophet’s Mosque) में आने वाले हज यात्रियों के लिए मार्गदर्शन और जागरूकता सेवाओं को काफी बढ़ा दिया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इसका उद्देश्य दुनिया के कोने-कोने से आने वाले हज यात्रियों को उनकी अपनी भाषा में हज के सही नियमों और तौर-तरीकों की जानकारी देना है। इस साल हज यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन की तरफ से कई बड़े कदम उठाए गए हैं ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
मदीना में हज यात्रियों को कैसे मिलेगी मदद?
धार्मिक मामलों की प्रेसीडेंसी ने हज सीजन के लिए ‘दलालाह वा तिब्यान’ (Dalalah wa Tibyan) कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत हज यात्रियों को उनकी ही भाषा में गाइड बुक और जागरूकता सामग्री बांटी जा रही है। मस्जिद में 20 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में मार्गदर्शन सेवाएं दी जा रही हैं। इसके लिए चौबीसों घंटे 60 पुरुष और महिला अनुवादक (translators) काम कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि 1 ज़ू अल-क़ादा से 3 ज़ू अल-हिज्जा के बीच लगभग 3,44,626 लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया है, जिसमें रोजाना औसतन 10,443 लोग शामिल हैं।
वीडियो कॉल की सुविधा और कर्मचारियों के लिए सख्त नियम
इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने मदीना की अल-क़िबलातैन मस्जिद और सैय्यद अल-शुहदा मस्जिद में एक खास वीडियो कॉल सेवा शुरू की है। इस सेवा के जरिए हज यात्री सीधे धार्मिक विद्वानों और अनुवादकों से 30 से अधिक भाषाओं में सीधे बात कर सकते हैं और हज से जुड़े अपने सवाल पूछ सकते हैं। इसके अलावा सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए भी कड़े कदम उठाए गए हैं। प्रेसीडेंसी के प्रवक्ता हानी बिन हुस्नी हैदर ने बताया कि हज यात्रियों की सुरक्षा के लिए मस्जिद में तैनात सभी कर्मचारियों के लिए टीका (vaccination) लगवाना अनिवार्य किया गया है ताकि वहां आने वाले हर व्यक्ति की सेहत सुरक्षित रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पैगंबर की मस्जिद में मार्गदर्शन सेवाएं कितनी भाषाओं में उपलब्ध हैं?
पैगंबर की मस्जिद में हज यात्रियों की मदद के लिए 20 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में मार्गदर्शन सेवाएं दी जा रही हैं, जिसके लिए 60 अनुवादक चौबीसों घंटे तैनात हैं।
मदीना की मस्जिदों में वीडियो कॉल सेवा क्या है?
इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने अल-क़िबलातैन और सैय्यद अल-शुहदा मस्जिद में वीडियो कॉल सेवा शुरू की है, जिससे हज यात्री 30 से अधिक भाषाओं में धार्मिक विद्वानों से सीधे जुड़कर सवाल पूछ सकते हैं।
