सऊदी अरब में चल रहे हज 1447H के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। जकरात में शैतान को कंकड़ी मारने की रस्म के दौरान एक इंडोनेशियाई हाजी के दिल की धड़कन अचानक रुक गई थी। इसके तुरंत बाद सऊदी अरब की फील्ड और एयर एम्बुलेंस सेवा ने रिकॉर्ड समय में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर इस हाजी की जान बचा ली। यह घटना 29 मई 2026 यानी 12 धुल-हिज्जा को हुई जब हज यात्री जकरात में पथराव की रस्म पूरी कर रहे थे।
रिकॉर्ड समय में फील्ड और एयर एम्बुलेंस ने किया कमाल
अख़बार 24 की रिपोर्ट के अनुसार, 29 मई 2026 को जकरात में एक इंडोनेशियाई हाजी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा और उसके दिल ने काम करना बंद कर दिया था। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने तुरंत आपातकालीन स्थिति को संभाला। फील्ड एम्बुलेंस और आसमान से आई एयर एम्बुलेंस की मदद से मरीज को तुरंत जरूरी प्राथमिक उपचार दिया गया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। सऊदी प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की वजह से हाजी को समय पर नया जीवन मिल सका है।
हाजियों की सुरक्षा और चिकित्सा के लिए किए गए हैं कड़े इंतजाम
इंडोनेशिया के हज मामलों के कार्यालय ने इस साल बुजुर्ग और दिव्यांग हाजियों की मदद के लिए विशेष स्टाफ तैनात किया है। हज 1447H के दौरान सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्थाओं को बेहद मजबूत किया गया है। जहां एक तरफ इस सफल रेस्क्यू ने लोगों को राहत दी है, वहीं इससे पहले मक्का में लापता हुए 73 वर्षीय इंडोनेशियाई हाजी मोहम्मद फिरदौस अखलान का शव मिलने की दुखद खबर भी आई थी। इसी वजह से सऊदी सरकार और इंडोनेशियाई प्रशासन हाजियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जकरात में इंडोनेशियाई हाजी के साथ क्या घटना हुई थी?
हज 1447H के दौरान जकरात में रस्म निभाते समय एक इंडोनेशियाई हाजी के दिल की धड़कन अचानक रुक गई थी, जिसे एम्बुलेंस टीम ने तुरंत बचाया।
सऊदी आपातकालीन सेवाओं ने हाजी की जान कैसे बचाई?
फील्ड और एयर एम्बुलेंस की संयुक्त टीम ने बेहद कम समय में मौके पर पहुंचकर हाजी को प्राथमिक इलाज दिया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया।