सऊदी अरब में इस साल हज यात्रा के दौरान पवित्र काबा के चारों तरफ जायरीनों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इस साल करीब 20 लाख मुस्लिम हज यात्री मक्का पहुंचे हैं। भीषण गर्मी के बीच सऊदी अरब प्रशासन की तरफ से किए गए शानदार सुरक्षा और कूलिंग इंतजामों की सोशल मीडिया पर काफी सराहना की जा रही है। अधिकारियों ने यात्रियों की सुविधा के लिए जमीन पर कई तरह की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं ताकि किसी को परेशानी न हो।
भीषण गर्मी से बचाने के लिए सऊदी प्रशासन ने क्या किए इंतजाम?
इस साल हज यात्रा के दौरान तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इतनी तेज गर्मी में जायरीनों को सुरक्षित रखने के लिए सऊदी अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर व्यवस्था की है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं।
- भीषण गर्मी से राहत देने के लिए मक्का में हाई-प्रेशर मिस्टिंग पंखे और कूलिंग स्टेशन लगाए गए हैं।
- हजारों की संख्या में ठंडे पानी के डिस्पेंसर और एयर-कंडीशंड आराम कक्ष तैयार किए गए हैं ताकि यात्री आराम कर सकें।
- जायरीनों को धूप से बचने के लिए छाते का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है और स्वयंसेवक लगातार पानी की बोतलें बांट रहे हैं।
- जगह-जगह पर मेडिकल क्लीनिक और इमरजेंसी कूलिंग सेंटर भी बनाए गए हैं ताकि किसी की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके।
कितने जायरीन पहुंचे और क्या हैं जरूरी नियम?
हज पासपोर्ट बलों के कमांडर सालेह बिन साद अल-मुरब्बा ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि इस साल विदेशों से 15 लाख से अधिक जायरीन सऊदी अरब पहुंचे हैं। कुल मिलाकर लगभग 20 लाख लोग इस पवित्र यात्रा में शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने सभी यात्रियों के लिए कुछ जरूरी नियम भी तय किए हैं जिनका पालन करना जरूरी है।
- सभी जायरीनों को 8 धुल हिजाह की जुहर की नमाज से लेकर 9 धुल हिजाह की फज्र की नमाज तक मीना में रुकना अनिवार्य किया गया था।
- मंगलवार 26 मई 2026 को अराफात के मैदान में हज का सबसे मुख्य पड़ाव पूरा हुआ जिसे अराफाह का दिन कहा जाता है।
- इसके बाद 26 मई की शाम से ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार शुरू हो गया है जो आज 27 मई को भी जारी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस साल हज यात्रा में कितने लोग शामिल हुए हैं?
इस साल कुल मिलाकर लगभग 20 लाख मुस्लिम जायरीन मक्का पहुंचे हैं, जिसमें से 15 लाख से अधिक लोग विदेशों से आए हैं।
मक्का में तापमान कितना दर्ज किया गया और क्या सुरक्षा उपाय हैं?
मक्का में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जायरीनों को गर्मी से बचाने के लिए मिस्टिंग पंखे, कूलिंग स्टेशन और पानी के डिस्पेंसर लगाए गए हैं।