सऊदी अरब सरकार ने आने वाले हज सीजन के लिए बहुत सख्त नियम लागू किए हैं। अब बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वालों और उनकी मदद करने वालों को भारी जुर्माना भरना होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि हज यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके और भीड़ को कंट्रोल किया जा सके।

🗞️: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम पर सस्पेंस, अभी तक नहीं हुई विस्तार की कोई औपचारिक सहमति, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

बिना परमिट हज करने वालों पर क्या होगी कार्रवाई?

जो लोग बिना परमिट के हज करेंगे या इसकी कोशिश करेंगे, उन पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यह नियम उन लोगों पर भी लागू होगा जो किसी भी तरह के विजिट वीजा पर मक्का शहर या पवित्र स्थलों में रुकने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा, ऐसे लोगों को उनके देश वापस भेज दिया जाएगा और अगले 10 साल तक सऊदी अरब में दोबारा आने पर रोक लगा दी जाएगी।

मदद करने वालों और एजेंटों के लिए क्या है सजा?

जो लोग दूसरों को बिना परमिट हज करने में मदद करेंगे, उन पर अधिकतम 1 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा। इसमें विजिट वीजा लगवाना, मक्का तक ट्रांसपोर्ट देना या होटल, अपार्टमेंट और निजी घरों में जगह देना शामिल है। अगर किसी वाहन का इस्तेमाल इस गैरकानूनी काम के लिए हुआ, तो कोर्ट उस गाड़ी को ज़ब्त करने का आदेश दे सकता है।

ये नियम कब से लागू होंगे और शिकायत कहाँ करें?

ये नए नियम 1 धुल कादा, यानी 18 अप्रैल से शुरू होकर धुल हिज्जा के अंत तक लागू रहेंगे। सरकार ने सभी प्रवासियों और नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की है। अगर किसी को कोई उल्लंघन दिखता है, तो वे मक्का, रियाद और पूर्वी क्षेत्र में 911 पर और बाकी जगहों पर 999 पर कॉल करके इसकी जानकारी दे सकते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.