सऊदी अरब में हज 1447 AH की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं. हाल ही में जेद्दा में सऊदी आंतरिक मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सौद बिन नायफ ने मिस्र के हज मामलों के कार्यालय के प्रमुख मेजर जनरल अशरफ अब्देल-माती से मुलाकात की. इस बैठक में दुनिया भर से आने वाले हाजियों को बेहतरीन सुविधाएं देने पर चर्चा हुई, लेकिन साथ ही नियमों को लेकर सख्त चेतावनी भी जारी की गई है.
ℹ️: Kuwait और Egypt के विदेश मंत्रियों की फोन पर बात, दुनिया के हालात और सुरक्षा को लेकर हुई बड़ी चर्चा।
बिना परमिट हज करना अब नामुमकिन, क्या है नया नियम?
- सऊदी आंतरिक मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि मक्का और पवित्र स्थलों में प्रवेश के लिए हज परमिट होना अनिवार्य है.
- किसी भी तरह का विजिट वीज़ा हज करने के लिए मान्य नहीं होगा और ऐसे वीज़ा धारकों को हज करने की अनुमति नहीं मिलेगी.
- नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा.
- मंत्रालय ने लोगों को जागरूक करने के लिए “ला हज बुला तसरीह” (बिना परमिट हज नहीं) अभियान शुरू किया है.
- हाजियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए मंत्रालय ने एक गाइड बुक भी जारी की है जिसमें सभी ज़रूरी निर्देश दिए गए हैं.
सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए सऊदी सरकार के नए इंतज़ाम
हज सीजन को सुरक्षित बनाने के लिए सऊदी सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं. आंतरिक मंत्री ने जेद्दा में डिजिटल सेंटर फॉर सिक्योरिटी ऑपरेशंस का उद्घाटन किया है, जो सुरक्षा निगरानी में मदद करेगा. इसके अलावा रक्षा मंत्रालय ने अपनी पूरी तैयारी पूरी कर ली है, जिसमें सैन्य, नागरिक और मेडिकल कर्मियों को मक्का, मदीना और अन्य पवित्र स्थलों पर तैनात किया गया है.
स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी अपडेट आया है. सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने 18 मई 2026 को पुष्टि की कि आने वाले हज सीजन के दौरान हंटा वायरस (Hanta virus) से जुड़ी कोई स्वास्थ्य चिंता नहीं है. साथ ही, बंदोबस्ती और मार्गदर्शन मंत्री तुर्की अल-वदई ने मीना और अराफात में हाजियों के कैंपों का निरीक्षण कर उनकी तैयारियों को जांचा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या विजिट वीज़ा पर हज किया जा सकता है?
नहीं, सऊदी आंतरिक मंत्रालय के अनुसार किसी भी प्रकार का विजिट वीज़ा हज करने का अधिकार नहीं देता है. इसके लिए आधिकारिक हज परमिट होना अनिवार्य है.
हज 1447 AH के लिए सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
जेद्दा में एक नया डिजिटल सेंटर फॉर सिक्योरिटी ऑपरेशंस शुरू किया गया है और रक्षा मंत्रालय ने सैन्य व मेडिकल टीमों की तैनाती पूरी कर ली है.
