सऊदी अरब में हज के नियमों को लेकर सरकार बहुत सख्त है। हाल ही में मक्का में बिना परमिट दाखिल होने की कोशिश कर रहे 6 पाकिस्तानी नागरिकों को सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया। इनमें से एक व्यक्ति अन्य पांच लोगों को अवैध तरीके से मक्का ले जा रहा था। अब इन सभी को कानूनी कार्रवाई के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को सौंप दिया गया है।
बिना परमिट हज करने पर कितना जुर्माना और क्या होगी सजा?
Ministry of Interior के नियमों के मुताबिक, बिना परमिट हज करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं, जो लोग दूसरों को अवैध तरीके से हज कराने में मदद करते हैं, जैसे उन्हें ट्रांसपोर्ट देना या रहने का इंतजाम करना, उन पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना हो सकता है। ऐसे मददगारों को 6 महीने तक की जेल भी हो सकती है और कोर्ट उनकी गाड़ी भी जब्त कर सकता है।
क्या विजिट वीज़ा पर हज किया जा सकता है?
सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि विजिट वीज़ा या किसी अन्य वीज़ा पर हज करने की इजाजत नहीं है। केवल वही लोग मक्का और पवित्र स्थलों में जा सकते हैं जिनके पास वैध हज परमिट है। यह नियम ज़ुल-कादा की पहली तारीख से ज़ुल-हिज्जा की 14 तारीख तक लागू रहता है। नियम तोड़ने वाले प्रवासियों को उनके देश वापस भेज दिया जाएगा और 10 साल तक सऊदी अरब में दोबारा आने पर रोक लगा दी जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने वालों की शिकायत कहाँ करें?
General Directorate of Public Security ने सभी प्रवासियों और नागरिकों से अपील की है कि वे हज के नियमों का पालन करें। अगर कोई अवैध रूप से हज करने की कोशिश करता है, तो इसकी सूचना 911 नंबर पर दी जा सकती है। यह सुविधा मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत में उपलब्ध है। अन्य क्षेत्रों के लोग 999 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या विजिट वीज़ा पर हज करने की अनुमति है?
नहीं, सऊदी अरब के नियमों के अनुसार विजिट वीज़ा या किसी भी अन्य वीज़ा पर हज करने की अनुमति नहीं है। इसके लिए वैध हज परमिट होना अनिवार्य है।
बिना परमिट हज करने वालों को क्या सजा मिलती है?
नियम तोड़ने वालों पर 20,000 रियाल तक जुर्माना लग सकता है। साथ ही उन्हें उनके देश डिपोर्ट किया जा सकता है और 10 साल का एंट्री बैन लगाया जा सकता है।