सऊदी अरब में हज के नियमों को लेकर सरकार बहुत सख्त हो गई है। बिना परमिट के मक्का ले जाने वाले लोगों पर अब लाखों का जुर्माना लगाया जा रहा है। हाल ही में पांच लोगों को भारी पेनल्टी दी गई है, जो अन्य प्रवासियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

बिना परमिट हज करने और लोगों को ले जाने पर क्या जुर्माना है?

Ministry of Interior ने साफ कर दिया है कि नियमों को तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए निम्नलिखित सजाएं तय की गई हैं:

  • ट्रांसपोर्ट करने वालों के लिए: जो लोग बिना परमिट के दूसरों को मक्का ले जाएंगे, उन पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। साथ ही उन्हें जेल जाना होगा और उनका नाम स्थानीय मीडिया में छापा जाएगा।
  • हज करने वालों के लिए: बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वालों पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लगेगा।
  • प्रवासियों (Expats) के लिए: नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रवासियों को तुरंत डिपोर्ट किया जा सकता है और उन पर 10 साल तक का दोबारा सऊदी आने पर बैन लगाया जा सकता है।

हज नियमों का पालन कब तक और कैसे होगा?

सरकार ने बताया कि यह सख्ती 1 अप्रैल (धु अल-किदा) से शुरू हुई है और यह 14 धु अल-हिज्जा तक जारी रहेगी। Ministry of Hajj and Umrah के मुताबिक, केवल आधिकारिक “Hajj Visa” ही मान्य है। विजिट वीजा या किसी अन्य वीजा पर हज की अनुमति नहीं है।

हाल ही में 14 मई 2026 को भी ऐसी कार्रवाई हुई, जिसमें 19 लोगों (14 सऊदी नागरिक और 5 प्रवासी) पर 29 लोगों को अवैध रूप से पवित्र स्थलों पर ले जाने के लिए कानूनी एक्शन लिया गया। सुरक्षा बलों ने चेकपॉइंट्स और पेट्रोलिंग बढ़ा दी है ताकि भीड़ और सुरक्षा को संभाला जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या विजिट वीजा पर हज के लिए मक्का जा सकते हैं?

नहीं, Ministry of Hajj and Umrah ने साफ किया है कि केवल आधिकारिक Hajj Visa ही मान्य है। किसी भी अन्य वीजा कैटेगरी पर हज की अनुमति नहीं है।

प्रवासियों के लिए नियमों का उल्लंघन करने पर क्या सजा है?

नियम तोड़ने वाले प्रवासियों पर जुर्माना और जेल के साथ-साथ उन्हें तुरंत डिपोर्ट किया जा सकता है और 10 साल का एंट्री बैन लगाया जा सकता है।