सऊदी अरब में हज के नियमों को लेकर सरकार बहुत सख्त हो गई है। हाल ही में बिना परमिट हज करने की कोशिश करने वाले 7 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अगर आप भी सऊदी में रह रहे हैं या हज की योजना बना रहे हैं, तो इन नियमों को जान लेना बहुत जरूरी है ताकि आप किसी बड़ी मुसीबत में न फंसें।

हज परमिट के नियम और जरूरी तारीखें क्या हैं?

सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री ने साफ कर दिया है कि बिना परमिट के हज करना पूरी तरह मना है। यह नियम 1 धुल कादह से 14 धुल हिज्जा तक लागू रहेगा। 13 अप्रैल 2026 से ही मक्का में बिना परमिट एंट्री बंद कर दी गई है। सिर्फ वही लोग अंदर जा सकते हैं जिनके पास मक्का का रेजिडेंसी या काम का परमिट है। साथ ही, उमराह वीजा वालों को 18 मई 2026 तक सऊदी छोड़ना होगा और नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म पर उमराह परमिट 31 मई 2026 तक बंद रहेंगे।

नियम तोड़ने पर कितनी सजा और जुर्माना लगेगा?

नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सऊदी सरकार ने कड़े दंड तय किए हैं। बिना परमिट हज करने की कोशिश करने वालों पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं, जो लोग दूसरों को बिना परमिट मक्का ले जाने में मदद करते हैं, उन पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना और जेल हो सकती है। प्रवासियों के लिए सजा और भी सख्त है, उन्हें सजा काटने के बाद डिपोर्ट कर दिया जाएगा और 10 साल तक सऊदी आने की मनाही होगी। हाल ही में फर्जी दस्तावेज और नुसुक कार्ड बनाने के आरोप में भी कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सुरक्षा बलों की हालिया कार्रवाई

मक्का के एंट्री पॉइंट्स पर सुरक्षा बल लगातार चेकिंग कर रहे हैं। 13 मई 2026 को 19 लोगों को पकड़ा गया जिन्होंने 29 लोगों को बिना परमिट मक्का पहुँचाने की कोशिश की थी। इसके अलावा, फर्जी रेजिडेंसी और हज ब्रेसलेट के इस्तेमाल पर भी नजर रखी जा रही है। पब्लिक सिक्योरिटी ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी उल्लंघन की सूचना 911 या 999 नंबर पर दें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बिना परमिट हज करने पर कितना जुर्माना लग सकता है?

बिना परमिट हज करने की कोशिश करने वाले व्यक्ति पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

प्रवासियों के लिए नियम तोड़ने पर क्या सजा है?

नियम तोड़ने वाले प्रवासियों को सजा काटने के बाद देश से डिपोर्ट कर दिया जाएगा और उन पर 10 साल तक सऊदी अरब में प्रवेश की पाबंदी रहेगी।