सऊदी अरब में बिना वैध हज परमिट के लोगों को मक्का ले जाने की कोशिश करने वालों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) ने 25 मई 2026 को सात सऊदी नागरिकों और एक प्रवासी (expat) को हज नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में पकड़ा है। ये लोग बिना परमिट के 18 लोगों को मक्का पहुँचाने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें मक्का के एंट्री पॉइंट पर ही सुरक्षा बलों ने धर दबोचा।

नियम तोड़ने वालों पर कितना लगा जुर्माना और क्या मिली सजा?

सऊदी सरकार ने अवैध रूप से यात्रियों को मक्का ले जाने वाले ट्रांसपोर्टरों और इसमें शामिल सभी लोगों पर 1,00,000 सऊदी रियाल तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। इसके अलावा, बिना वैध परमिट के मक्का में घुसने की कोशिश करने वाले यात्रियों पर भी 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया गया है।

इस मामले में शामिल प्रवासी (expat) को सजा पूरी होने के बाद सऊदी अरब से डिपोर्ट यानी देश निकाला कर दिया जाएगा और अगले 10 सालों तक उसके सऊदी अरब में दोबारा प्रवेश करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। इसके साथ ही, इस अवैध काम में इस्तेमाल की गई गाड़ियों को भी अदालत के आदेश से जब्त कर लिया जाएगा।

मई 2026 में लगातार हो रही है धरपकड़ और सख्त कार्रवाई

सऊदी अरब का आंतरिक मंत्रालय हज के सुरक्षा नियमों को लेकर बेहद सख्त है। मई के महीने में सुरक्षा बलों ने कई ऐसे ही मामलों का भंडाफोड़ किया है:

  • 23 मई 2026: सुरक्षा बलों ने एक सऊदी नागरिक को गिरफ्तार किया जो तीन अफगानी प्रवासियों को बिना वैध परमिट मक्का ले जा रहा था।
  • 19 मई 2026: चार प्रवासियों और तीन सऊदी नागरिकों को 13 यात्रियों को बिना परमिट मक्का ले जाने के आरोप में पकड़ा गया, जिन पर भारी जुर्माना लगाया गया है।
  • 9-10 मई 2026: मक्का पुलिस ने नकली परमिट, नुसुक कार्ड और हज रिस्टबैंड बनाने के आरोप में 18 अफगानी और पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया।
  • 2 मई 2026: दो नागरिकों को कच्चे रास्तों से 17 पाकिस्तानी नागरिकों को अवैध रूप से मक्का ले जाते हुए पकड़ा गया।

हज यात्रियों के लिए सऊदी सरकार की महत्वपूर्ण सलाह

सऊदी अधिकारियों और सीनियर स्कॉलर्स काउंसिल ने साफ तौर पर कहा है कि बिना परमिट के हज यात्रा करना गैर-कानूनी और गुनाह है। हज पर जाने वाले सभी यात्रियों के पास नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म से जारी आधिकारिक परमिट होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार के विजिट वीज़ा धारकों को इस अवधि के दौरान मक्का और पवित्र स्थलों में प्रवेश करने या रुकने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बिना हज परमिट मक्का जाने की कोशिश करने पर क्या जुर्माना है?

बिना वैध परमिट के मक्का जाने या कोशिश करने पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

अवैध ट्रांसपोर्टरों को सऊदी अरब में क्या सजा मिलती है?

बिना परमिट वाले यात्रियों को मक्का ले जाने वाले ट्रांसपोर्टरों पर 1,00,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाता है। प्रवासियों को डिपोर्ट कर 10 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाता है और गाड़ियां जब्त कर ली जाती हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com