Saudi Arabia New Law: बिना परमिट हज करने वालों और उन्हें ले जाने वालों पर गिरेगी गाज, देना होगा 1 लाख रियाल तक जुर्माना

सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने हज 2026 के लिए बेहद सख्त नियम लागू कर दिए हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना परमिट के हज करना पूरी तरह गैरकानूनी है। अब प्रशासन ने उन लोगों की रिपोर्ट करने की अपील की है जो बिना परमिट वाले लोगों को मक्का या पवित्र स्थलों तक पहुँचाने में मदद कर रहे हैं। यह कदम भीड़ को संभालने और जायरीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

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बिना परमिट हज करने और मदद करने पर कितना लगेगा जुर्माना?

नियमों के मुताबिक, जो लोग बिना परमिट के हज करने की कोशिश करेंगे, उन पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लगेगा। सबसे ज्यादा सख्ती उन लोगों पर होगी जो दूसरों को अवैध रूप से हज कराने में मदद करेंगे। ट्रांसपोर्ट करने, रहने की जगह देने या वीज़ा दिलाने वाले मददगारों को 1 लाख रियाल तक का जुर्माना भरना होगा। यह जुर्माना इस आधार पर बढ़ेगा कि कितने लोगों को अवैध रूप से ले जाया गया। साथ ही, दोषियों की गाड़ियां भी कोर्ट के आदेश से जब्त की जा सकेंगी।

विजिट वीज़ा और उमराह नियमों में क्या बदलाव हुए हैं?

सऊदी सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का विजिट वीज़ा हज करने की अनुमति नहीं देता है। 18 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 तक मक्का और पवित्र स्थलों में प्रवेश के लिए आधिकारिक हज परमिट होना अनिवार्य है। उमराह करने वालों के लिए सऊदी अरब छोड़ने की आखिरी तारीख 18 अप्रैल 2026 तय की गई थी। इसके अलावा, नागरिकों और निवासियों के लिए नुसुक प्लेटफॉर्म के जरिए उमराह परमिट जारी करना हज सीजन खत्म होने तक के लिए रोक दिया गया है।

गलती करने वालों को क्या होगी सजा और कैसे करें शिकायत?

जो लोग अवैध रूप से सऊदी में रह रहे हैं या वीज़ा की अवधि खत्म होने के बाद भी रुके हुए हैं, उन्हें डिपोर्ट कर दिया जाएगा। ऐसे लोगों पर 10 साल तक सऊदी अरब में दोबारा प्रवेश करने की पाबंदी लगाई जाएगी। अगर कोई व्यक्ति हज नियमों का उल्लंघन करता हुआ दिखता है, तो मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत के लोग 911 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। बाकी इलाकों के लिए 999 नंबर जारी किया गया है। जुर्माना लगने के बाद प्रभावित व्यक्ति 30 दिनों के भीतर अपील भी कर सकते हैं।