सऊदी अरब में हज यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक के तहत लाखों तीर्थयात्री ईद अल-अधा के पहले दिन यानी 27 मई 2026 को तड़के मीना पहुंचना शुरू हो गए हैं। कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) के अनुसार, हाजी यहां पहुंचकर जामरात अल-अकाबा पर कंकड़ मारने की पारंपरिक रस्म पूरी कर रहे हैं। इस साल भीषण गर्मी के बीच सऊदी प्रशासन ने सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं जिससे हाजियों को कोई असुविधा न हो।

जामरात अल-अकाबा की रस्म और उसका महत्व क्या है?

हज के दसवें दिन यानी 10वीं ज़ुल-हिज्जा को तीर्थयात्री मीना पहुंचकर इस रस्म को पूरा करते हैं। इसमें निम्नलिखित मुख्य बातें शामिल हैं:

  • सात कंकड़ मारना: हाजी सबसे बड़े स्तंभ जामरात अल-अकाबा पर लगातार सात कंकड़ मारते हैं। हर बार कंकड़ फेंकते समय अल्लाहू अकबर कहा जाता है।
  • कंकड़ का संग्रह: तीर्थयात्री इन कंकड़ों को मुज़दलिफ़ा में 9वीं ज़ुल-हिज्जा को सूर्यास्त के बाद इकट्ठा करते हैं।
  • ताशरीक के दिन: ईद के बाद अगले तीन दिनों (11वीं से 13वीं ज़ुल-हिज्जा) को तीर्थयात्री मीना में ही रुकते हैं और तीनों स्तंभों (छोटे, मध्यम और बड़े) पर हर दिन दोपहर के बाद 7-7 कंकड़ मारते हैं।

गर्मी से बचाव और भीड़ नियंत्रण के लिए सऊदी प्रशासन की क्या है तैयारी?

सऊदी अरब के पांच मंत्रालयों ने हज 2026 के लिए 15 लाख से अधिक विदेशी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरी तैयारी की है। इस बार मीना में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है जिसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं:

  • कूलिंग और पानी की व्यवस्था: मीना और अन्य पवित्र स्थलों पर हाई-प्रेशर मिस्टिंग फैन, बड़े पंखे, एयर-कंडीशनर वाले विश्राम गृह और ठंडे पानी के हजारों डिस्पेंसर लगाए गए हैं।
  • भीड़ नियंत्रण: पब्लिक सिक्योरिटी के डायरेक्टर जनरल और हज सुरक्षा समिति के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अल-बस्सामी ने बताया कि सुरक्षा बल भीड़ के रास्तों को नियंत्रित करने और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह तैनात हैं।
  • स्वास्थ्य सलाह: स्वास्थ्य मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों को धूप से बचने के लिए छाते का उपयोग करने और दोपहर के समय कैंपों में ही रहने की सलाह दी है।

बिना परमिट हज करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?

सऊदी अरब सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना कानूनी परमिट के किसी भी व्यक्ति को मक्का या पवित्र स्थलों पर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निम्नलिखित सख्त कदम उठाए जाएंगे:

  • भारी जुर्माना: बिना परमिट के प्रवेश करने वाले लोगों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • डिपोर्ट और बैन: पकड़े गए अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेज दिया जाएगा और उन पर सऊदी अरब में दोबारा प्रवेश करने के लिए 10 साल का प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जामरात अल-अकाबा की रस्म कब और कैसे की जाती है?

यह रस्म ईद अल-अधा के पहले दिन (10वीं ज़ुल-हिज्जा) को सुबह के समय की जाती है, जिसमें तीर्थयात्री सबसे बड़े स्तंभ जामरात अल-अकाबा पर सात कंकड़ मारते हैं।

सऊदी अरब में बिना परमिट हज करने पर क्या सजा है?

बिना कानूनी परमिट के पवित्र स्थलों में प्रवेश करने पर 20,000 सऊदी रियाल का जुर्माना, डिपोर्टेशन और 10 साल का प्रवेश प्रतिबंध लगाया जाता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.