सऊदी अरब में हज यात्रा 2026 के बीच एक बहुत ही महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। 27 मई 2026 को लाखों हाजियों ने पवित्र मक्का की ग्रैंड मस्जिद में पहुंचकर ‘तवाफ अल-इफादा’ की रस्म पूरी की। यह हज का एक बेहद जरूरी हिस्सा है जिसके बिना हज पूरा नहीं माना जाता है। सऊदी सरकार और संबंधित मंत्रालयों की तरफ से हाजियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए हैं ताकि भीषण गर्मी में किसी को कोई परेशानी न हो।

तवाफ अल-इफादा क्या है और इसका क्या नियम है?

तवाफ अल-इफादा हज का एक अनिवार्य हिस्सा यानी स्तंभ है। इसके बिना कोई भी हज पूरा और मान्य नहीं माना जाता है। इस रस्म के तहत हाजियों को पवित्र काबा के सात चक्कर लगाने होते हैं। इसके बाद मकाम-ए-इब्राहिम के पीछे दो रकात नमाज पढ़नी होती है, जमजम का पानी पीना होता है और फिर सफा और मरवा पहाड़ियों के बीच सई (दौड़) करनी होती है।

  • यह रस्म अराफात के मैदान से लौटने के बाद काबा की तरफ वापसी को बताती है।
  • इसे पूरा करने के बाद एहराम की ज्यादातर पाबंदियां हट जाती हैं।
  • यदि कोई यात्री बीमार है और खुद इसे करने में असमर्थ है, तो वह अपनी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है।

भीषण गर्मी में सऊदी सरकार ने किए सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मई के इस महीने में सऊदी अरब में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी हाजियों को लगातार पानी पीने और सीधे धूप से बचने की सलाह दी है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं ताकि लोग बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सकें।

सऊदी के हज और उमराह मंत्री तौफीक अल-रबिया लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने मीना में चल रहे प्रोजेक्ट्स का खुद दौरा किया और कई देशों के हज मिशनों के साथ बैठकें कीं ताकि हाजियों को बिना किसी परेशानी के सभी सुविधाएं मिल सकें। जनरल प्रेसीडेंसी और अन्य संबंधित विभागों ने मस्जिद के खास दरवाजों से हाजियों के प्रवेश और निकास की व्यवस्था की है।

तवाफ अल-इफादा कब किया जाता है?

यह रस्म आमतौर पर 10वीं जिल-हिज्जा (इस साल 27 मई 2026) को की जाती है। हालांकि, इसे 13 जिल-हिज्जा तक बिना किसी जुर्माने के किया जा सकता है। यह रस्म मीना में शैतान को कंकड़ मारने (जकरात अल-अकबा), कुर्बानी देने और बाल कटवाने या मुंडवाने के बाद की जाती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या तवाफ अल-इफादा के बिना हज पूरा हो सकता है?

नहीं, तवाफ अल-इफादा हज का एक अनिवार्य स्तंभ है। इसके बिना हज अधूरा और अमान्य माना जाता है।

तवाफ अल-इफादा करने की आखिरी समय सीमा क्या है?

यह मुख्य रूप से 10वीं जिल-हिज्जा को किया जाता है, लेकिन इसे बिना किसी पेनल्टी के 13 जिल-हिज्जा तक पूरा किया जा सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.