सऊदी अरब ने हज 2026 की तैयारियों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। सड़कों की मजबूती जांचने के लिए अब हैवी व्हीकल सिम्युलेटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि हज रूट की सड़कें अगले 20 साल तक खराब न हों और साल 2030 तक सऊदी दुनिया की बेहतरीन सड़कों वाले देशों में शामिल हो जाए।

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सड़कों की जांच के लिए कौन सी तकनीक का इस्तेमाल हुआ है?

Roads General Authority (RGA) ने दुनिया का सबसे बड़ा एडवांस्ड रोड सर्वेइंग सिस्टम तैनात किया है। इसमें हाई-रिजोल्यूशन कैमरे और लेजर सेंसर लगे हैं जो सड़क की सतह पर 0.05 मिलीमीटर तक की बारीकी से खामियों को पकड़ सकते हैं। यह तकनीक सड़क की मोटाई और फिसलन की जांच करती है ताकि मरम्मत के फैसले जल्दी लिए जा सकें और सड़कों की क्वालिटी बेहतर रहे।

हज 2026 के लिए ट्रांसपोर्ट की क्या तैयारी है?

Ministry of Hajj and Umrah ने 10 मई 2026 तक यात्रियों की आवाजाही और ट्रांसपोर्ट की सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके अलावा, मदीना क्षेत्र में एक सेंट्रलाइज्ड रोड ऑपरेशंस सेंटर भी शुरू किया गया है। अप्रैल महीने में एक वर्चुअल सिम्युलेशन भी किया गया था जिसमें 12 लाख वर्चुअल तीर्थयात्रियों और 3,000 बसों के मूवमेंट की जांच की गई थी ताकि भीड़ और ट्रैफिक को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

स्मार्ट ऐप से कैसे सुधरेगी व्यवस्था?

General Transport Center ने हज 2026 के लिए एक नया ट्रांसपोर्ट मॉडल लागू किया है। इसमें Smart Escalation नाम के ऐप के जरिए 40,000 से ज्यादा बस ट्रिप्स को मैनेज किया जा रहा है। इस सिस्टम की वजह से बिना परमिट के हज करने की कोशिशों में 95 प्रतिशत की कमी आई है और मक्का व अन्य पवित्र स्थलों पर ट्रैफिक फ्लो की निगरानी अब एक सेंट्रल कंट्रोल रूम से की जा रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब सड़कों के लिए सिम्युलेटर का इस्तेमाल क्यों कर रहा है?

सऊदी अरब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि हज रूट की सड़कें अगले 20 साल तक मजबूत रहें। इसका लक्ष्य 2030 तक दुनिया के बेहतरीन रोड नेटवर्क वाले देशों में शामिल होना है।

हज 2026 के लिए ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट में क्या नया है?

इस बार ‘Smart Escalation’ ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है जो 40,000 बस ट्रिप्स को मैनेज करता है। इससे बिना अनुमति के हज करने वालों की संख्या में 95% की गिरावट आई है।