सऊदी अरब में हज नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. मक्का में बिना परमिट घुसने की कोशिश में तीन मिस्र के नागरिक पकड़े गए हैं. ये लोग एक माल ढोने वाले ट्रक के अंदर गुप्त कमरे बनाकर छिपे हुए थे ताकि अधिकारियों की नजर से बचकर शहर में प्रवेश कर सकें.

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बिना परमिट हज करने पर कितना जुर्माना लगेगा?

सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि 19 अप्रैल से 4 जून 2026 तक मक्का और पवित्र स्थलों में प्रवेश के लिए आधिकारिक हज परमिट होना अनिवार्य है. विजिट वीजा पर आए लोग हज नहीं कर सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति बिना परमिट के या सिर्फ विजिट वीजा के जरिए प्रतिबंधित समय के दौरान वहां पाया गया, तो उस पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा.

मदद करने वालों और नियम तोड़ने वालों के लिए क्या सजा है?

  • जो लोग बिना परमिट वाले हज यात्रियों को वीजा दिलाने, रहने की जगह देने या ट्रांसपोर्ट मुहैया कराने में मदद करेंगे, उन्हें 1,00,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना देना होगा. यह जुर्माना उल्लंघन करने वाले लोगों की संख्या के हिसाब से और बढ़ सकता है.
  • नियम तोड़ने वाले गैर-नागरिकों और ओवरस्टे करने वालों को उनके देश वापस भेज दिया जाएगा और अगले 10 साल तक सऊदी अरब में आने पर पाबंदी होगी.
  • नियमों का उल्लंघन करने वाले विजिट वीजा धारकों को मक्का ले जाने वाले वाहनों को भी जब्त किया जा सकता है.

परमिट के लिए सरकारी निर्देश क्या हैं?

हज और उमराह मंत्रालय और आंतरिक मंत्रालय ने कहा है कि सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ये कड़े कदम उठाए गए हैं. अब परमिट की पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है. लोग Absher Individuals और Muqeem पोर्टल के जरिए अपने परमिट का इंतजाम कर सकते हैं. पब्लिक सिक्योरिटी की टीमें सड़कों पर कड़ी निगरानी रख रही हैं ताकि कोई भी बिना अनुमति के पवित्र स्थलों में प्रवेश न कर सके.