Saudi Arabia Hajj Rules: बिना परमिट हज करने वालों और उन्हें पनाह देने वालों पर भारी जुर्माना, 1 लाख रियाल तक का लगेगा दंड
सऊदी अरब के Ministry of Interior ने हज के नियमों को लेकर बहुत कड़ा फैसला लिया है। बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वालों और उनकी मदद करने वालों पर अब भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह नियम खास तौर पर Visit Visa पर आए लोगों और उन्हें पनाह देने वालों के लिए लागू किया गया है ताकि व्यवस्था बनी रहे।
मदद करने वालों और ट्रांसपोर्टर्स पर कितना जुर्माना लगेगा?
अगर कोई व्यक्ति Visit Visa धारकों को मक्का या पवित्र स्थलों पर होटल, अपार्टमेंट, प्राइवेट घर या किसी शेल्टर में पनाह देता है, तो उस पर 1 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा। यही जुर्माना उन लोगों पर भी होगा जो इन लोगों को छुपाने या वहां रुकने में किसी भी तरह की मदद करेंगे। इसके अलावा, बिना परमिट वाले लोगों को मक्का ले जाने वाले वाहन चालकों पर भी 1 लाख रियाल का जुर्माना होगा और उनके वाहन को कोर्ट के आदेश से जब्त किया जा सकता है।
बिना परमिट हज करने वालों और स्पॉन्सर के लिए क्या नियम हैं?
जो लोग बिना आधिकारिक परमिट के हज करने की कोशिश करेंगे या मक्का की प्रतिबंधित सीमाओं में प्रवेश करेंगे, उन पर 20 हजार सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, जिस व्यक्ति ने Visit Visa के लिए आवेदन किया था और उसके जरिए कोई व्यक्ति बिना परमिट हज करता है, उस स्पॉन्सर पर भी 1 लाख रियाल का जुर्माना लगेगा। यह जुर्माना उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों की संख्या के आधार पर और बढ़ सकता है।
देपोर्टेशन और समय सीमा की जरूरी जानकारी
गैर-सऊदी नागरिक और वीज़ा की अवधि खत्म होने के बाद रुकने वाले लोगों को देश से डिपोर्ट किया जाएगा और उन पर 10 साल तक के लिए सऊदी अरब आने पर पाबंदी लगाई जा सकती है। ये नियम 18 अप्रैल 2026 से लागू हो चुके हैं और 31 मई 2026 तक प्रभावी रहेंगे। सरकार ने सभी प्रवासियों और विजिटर्स से नियमों का पालन करने की अपील की है और उल्लंघन की सूचना मक्का, रियाद और पूर्वी क्षेत्रों में 911 पर तथा अन्य क्षेत्रों में 999 पर देने को कहा है।