सऊदी अरब में हज 1447H के दौरान नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्ती बढ़ गई है। हाल ही में सुरक्षा बलों ने मक्का में बिना परमिट घुसने की कोशिश कर रहे 10 प्रवासियों को पकड़ लिया है। ये लोग कच्चे रास्तों और घाटियों के जरिए छिपकर शहर में दाखिल होना चाहते थे। पकड़े गए लोगों में सूडान, मिस्र और यमन के नागरिक शामिल हैं।
बिना परमिट हज करने पर कितनी जुर्माना और सजा होगी?
सऊदी गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि बिना आधिकारिक परमिट के हज करने या उसकी कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों के मुताबिक निम्नलिखित सजाएं हो सकती हैं:
- बिना परमिट हज करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा।
- जो लोग दूसरों को बिना परमिट मक्का ले जाने या उन्हें पनाह देने में मदद करेंगे, उन पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना हो सकता है।
- नियम तोड़ने वाले प्रवासियों को देश से डिपोर्ट कर दिया जाएगा और उन पर 10 साल तक सऊदी अरब आने की रोक लगा दी जाएगी।
- अगर किसी गाड़ी का इस्तेमाल अवैध रूप से लोगों को मक्का ले जाने में हुआ है, तो उस गाड़ी को जब्त कर लिया जाएगा।
हज 1447H के लिए क्या हैं जरूरी नियम?
हज और उमराह मंत्रालय ने “बिना परमिट हज नहीं” अभियान के तहत कई गाइडलाइंस जारी की हैं। आम प्रवासियों और यात्रियों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- हज करने के लिए आधिकारिक परमिट होना अनिवार्य है।
- किसी भी तरह का विजिट वीज़ा हज करने की अनुमति नहीं देता है।
- हज 1447H के लिए नूसुक (Nusuk) डिजिटल कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है, जो पवित्र स्थलों में आने-जाने के लिए पहचान पत्र का काम करेगा।
- सीनियर स्कॉलर्स काउंसिल ने भी कहा है कि बिना अनुमति के हज करना सही नहीं है क्योंकि यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या विजिट वीज़ा पर हज किया जा सकता है?
नहीं, किसी भी प्रकार का विजिट वीज़ा हज करने की अनुमति नहीं देता है। इसके लिए सरकार द्वारा जारी आधिकारिक हज परमिट होना जरूरी है।
नूसुक (Nusuk) डिजिटल कार्ड क्या है?
यह हज 1447H के लिए एक अनिवार्य आधिकारिक दस्तावेज है, जो तीर्थयात्रियों की पहचान के तौर पर काम करता है और पवित्र स्थलों तक पहुंच के लिए जरूरी है।