सऊदी अरब में हज्ज 2026 को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। सऊदी अरब की सिक्योरिटी एविएशन टीम मक्का में मस्जिद अल-हराम और अन्य पवित्र स्थलों के ऊपर लगातार हवाई गश्त कर रही है। 25 मई से 29 मई 2026 तक चलने वाले इस हज्ज सीजन में बिना अनुमति के प्रवेश करने वालों को रोकने के लिए ड्रोन और विमानों की मदद ली जा रही है। सुरक्षा बलों ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों से कड़ाई से निपटा जाएगा।
सऊदी अरब में हज्ज के लिए क्या हैं नए सुरक्षा नियम?
सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने हज्ज 2026 के लिए कड़े नियम लागू किए हैं जिनका पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है:
- बिना परमिट हज्ज नहीं: इस नारे को सख्ती से लागू किया जा रहा है। बिना वैध परमिट के मक्का और पवित्र स्थलों में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- राजनीतिक नारों पर रोक: मक्का, मदीना और पवित्र स्थलों में किसी भी प्रकार के राजनीतिक या सांप्रदायिक झंडे, बैनर और नारे लगाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।
- सुरक्षा बैरियर न लांघें: भीड़ नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए लगाए गए सुरक्षा बैरियर को पार करना या उसमें बाधा डालना सख्त मना है।
- परमिट दिखाना जरूरी: सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षाकर्मियों के मांगने पर अपना वैध हज्ज परमिट दिखाना होगा।
आसमान से सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
सऊदी प्रेस एजेंसी (SPAENG) की 28 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, पवित्र स्थलों के ऊपर हवाई गश्त की जा रही है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीकों का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है। भीड़ की निगरानी करने और अवैध प्रवासियों को पकड़ने के लिए ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट कैमरों की मदद ली जा रही है। इसके साथ ही वायु सेना और रक्षा मंत्रालय ने आसमान से आने वाले किसी भी खतरे से निपटने के लिए पवित्र स्थलों के आसपास एयर डिफेंस सिस्टम भी सक्रिय किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बल किसी भी संकट को आने से पहले ही रोकने के लिए तैयार हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हज्ज 2026 की तारीख क्या है और सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
हज्ज 2026 का आयोजन 25 मई से 29 मई 2026 तक किया जा रहा है। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सऊदी गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और जनरल सिक्योरिटी एविएशन कमांड संभाल रहे हैं।
क्या मक्का और मदीना में राजनीतिक झंडे ले जाने की अनुमति है?
नहीं, सऊदी अरब सरकार ने मक्का, मदीना और सभी पवित्र स्थलों में किसी भी प्रकार के राजनीतिक या सांप्रदायिक झंडे, बैनर और नारे लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।