सऊदी अरब से हज यात्रा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. अब अगले 25 सालों तक हज की यात्रा गर्मियों के मौसम में नहीं होगी. नेशनल सेंटर फॉर मेटियोरोलॉजी (NCM) ने यह जानकारी देते हुए एक नया कैलेंडर जारी किया है. इस बदलाव से हज पर जाने वाले यात्रियों को अब भीषण गर्मी से राहत मिलेगी.
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हज की तारीखों में बदलाव क्यों हुआ
सऊदी अरब के नेशनल सेंटर फॉर मेटियोरोलॉजी के प्रवक्ता हुसैन अल काहतानी ने बताया कि यह बदलाव इस्लामिक कैलेंडर की वजह से हुआ है. इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है और यह ग्रेगोरियन कैलेंडर से करीब 10 से 11 दिन छोटा होता है. इसी कारण हर साल हज की तारीखें पीछे खिसकती जाती हैं. साल 2025 की हज यात्रा आखिरी बार गर्मियों में हुई थी.
अगले 25 सालों का पूरा शेड्यूल क्या है
सरकार द्वारा जारी कैलेंडर के मुताबिक अब हज का मौसम इस तरह बदलेगा:
- 2026 से 2033: अगले आठ साल तक हज बसंत (Spring) के मौसम में होगी.
- 2034 से 2041: इसके बाद आठ साल तक यह यात्रा सर्दियों (Winter) में होगी.
- 2042 से 2049: फिर कई सालों तक हज पतझड़ (Autumn) के मौसम में आएगी.
- 2050: अगस्त के आसपास हज फिर से गर्मियों के मौसम में लौटेगी.
साल 2026 के लिए क्या हैं अनुमानित तारीखें
खगोलीय गणना के अनुसार साल 2026 में हज की यात्रा 25 मई से 30 मई के बीच होने की उम्मीद है. इसमें अराफात का दिन 26 मई को मंगलवार को और ईद अल-अधा 27 मई को बुधवार को पड़ सकती है. इस बदलाव से यात्रियों को मौसम का फायदा मिलेगा और शारीरिक थकान कम होगी.