मक्का में हज यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। मस्जिद अल हरम के खतीब ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी हज यात्री को विदाई तवाफ यानी Tawaf al-Wada’ किए बिना मक्का छोड़ने की इजाजत नहीं है। सऊदी अरब के आधिकारिक मीडिया प्लेटफॉर्म Akhbar Al Saudiya (@SaudiNews50) ने 29 मई 2026 को सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करके इस बात की जानकारी दी है। इस नियम का पालन सभी हज यात्रियों को अनिवार्य रूप से करना होगा।
विदाई तवाफ से जुड़े जरूरी नियम और शर्तें क्या हैं?
इस्लामिक नियमों के अनुसार विदाई तवाफ (Tawaf al-Wada’) को हज करने वाले यात्रियों के लिए वाजिब यानी अनिवार्य माना गया है। इससे जुड़े कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- अंतिम अनुष्ठान: विदाई तवाफ मक्का से प्रस्थान करने से पहले किया जाने वाला आखिरी काम होना चाहिए।
- तवाफ दोबारा करने की स्थिति: यदि कोई यात्री विदाई तवाफ करने के बाद मक्का में लंबे समय तक रुकता है या व्यापारिक गतिविधियों में शामिल होता है, तो उसे दोबारा तवाफ करना होगा।
- विशेष छूट: मासिक धर्म से गुजरने वाली महिलाओं को विदाई तवाफ करने से पूरी तरह छूट दी गई है।
मक्का के स्थानीय लोगों और उमराह यात्रियों के लिए क्या हैं नियम?
विदाई तवाफ के नियम सभी के लिए एक जैसे नहीं हैं। इसमें स्थानीय लोगों और उमराह करने वालों के लिए अलग प्रावधान हैं:
- मक्का के निवासी: मक्का के स्थानीय निवासियों के लिए विदाई तवाफ जरूरी नहीं है। हालांकि, अगर वे हज पूरा करने के बाद किसी दूसरे शहर की यात्रा के लिए निकल रहे हैं, तो उन्हें यह तवाफ करना होगा।
- उमराह यात्री: उमराह करने वाले लोगों के लिए विदाई तवाफ की अनिवार्यता को लेकर इस्लामिक विद्वानों में अलग-अलग मत हैं। कुछ विद्वान इसे अनिवार्य नहीं बल्कि मुस्तहब (सराहनीय) मानते हैं।
- विद्वानों की राय: इमाम अन-नवावी, इब्न कुदामा, शेख इब्न बाज और शेख इब्न उथैमीन जैसे प्रमुख इस्लामी विद्वानों के फैसलों में भी विदाई तवाफ को प्रस्थान करने वाले हाजियों के लिए अनिवार्य बताया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या विदाई तवाफ सभी हज यात्रियों के लिए अनिवार्य है?
हां, मक्का से बाहर जाने वाले सभी हज यात्रियों के लिए विदाई तवाफ करना अनिवार्य है। केवल मासिक धर्म वाली महिलाओं को इससे छूट दी गई है।
तवाफ करने के बाद मक्का में रुकने पर क्या नियम है?
विदाई तवाफ मक्का छोड़ने से ठीक पहले का आखिरी काम होना चाहिए। अगर कोई इसके बाद मक्का में ज्यादा देर रुकता है या खरीदारी करता है, तो उसे दोबारा तवाफ करना होगा।