सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने हज के दौरान मक्का जाने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब बिना आधिकारिक परमिट के मक्का या पवित्र स्थलों पर जाने वालों को भारी जुर्माना देना होगा। यह फैसला भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है।

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बिना परमिट मक्का जाने पर कितना लगेगा जुर्माना

बिना आधिकारिक परमिट के हज करने या मक्का में पाए जाने वाले लोगों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यह नियम उन लोगों पर भी लागू होगा जो विजिट वीज़ा पर सऊदी अरब आए हैं। यह सख्ती 18 अप्रैल 2026 से शुरू हो गई है और यह मई के अंत या जून के मध्य (14 ज़ुल-हिज्जा) तक जारी रहेगी।

मदद करने वालों और उल्लंघन करने वालों के लिए सजा

जो लोग दूसरों को बिना परमिट के हज कराने में मदद करेंगे, उन पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। इसमें गलत तरीके से वीज़ा दिलाना, लोगों को मक्का तक पहुँचाना या उन्हें रहने की जगह देना शामिल है। प्रशासन ऐसी गाड़ियों को ज़ब्त करने के लिए अदालत से अनुरोध भी करेगा जिनका इस्तेमाल नियमों को तोड़ने में हुआ है।

डिपोर्ट होने का खतरा और अपील की प्रक्रिया

नियम तोड़ने वाले प्रवासियों और वीज़ा समय सीमा खत्म होने के बाद रुके रहने वाले लोगों को सऊदी अरब से डिपोर्ट कर दिया जाएगा और उन पर 10 साल का बैन लगेगा। अगर किसी व्यक्ति पर जुर्माना लगाया गया है, तो वह 30 दिनों के भीतर शिकायत दर्ज कर सकता है और 60 दिनों के अंदर प्रशासनिक अदालत में अपील कर सकता है।

उल्लंघन का प्रकार सजा या जुर्माना
बिना परमिट मक्का जाना 20,000 रियाल तक जुर्माना
मदद करना या सुविधा देना 1,00,000 रियाल तक जुर्माना
अवैध प्रवेश या ओवरस्टे डिपोर्ट और 10 साल का बैन
परिवहन वाहन का उपयोग गाड़ी ज़ब्त हो सकती है
शिकायत दर्ज करने का समय नोटिस के 30 दिनों के भीतर
कोर्ट में अपील का समय 60 दिनों के भीतर
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.