सऊदी अरब में हज 1447H के लिए नए नियमों का पालन शुरू हो गया है। अब बिना परमिट वाली गाड़ियाँ पवित्र स्थलों (Holy Sites) में नहीं जा सकेंगी। प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया है, ताकि जायरीनों को कोई परेशानी न हो। यह पाबंदी आधिकारिक तौर पर 21 मई 2026 से लागू कर दी गई है।

📰: Hajj 2026 Update: सऊदी अरब में हज यात्रियों के लिए बड़ी तैयारी, एयरपोर्ट और ट्रेन सिस्टम का जायजा लिया, AI से होगी भीड़ की निगरानी

बिना परमिट गाड़ी ले जाने पर क्या हैं नियम?

Ministry of Interior के मुताबिक, 5 धुल-हिज्जा की आधी रात से यह पाबंदी शुरू हो गई है, जो 13 धुल-हिज्जा तक लागू रहेगी। जिन गाड़ियों में 25 से कम सवारी बैठती हैं और उनके पास परमिट नहीं है, उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसी गाड़ियों को एंट्री पॉइंट पर ही जब्त कर लिया जाएगा और यात्रियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए भेजा जाएगा।

  • सभी जायरीनों के लिए अपना पहचान पत्र (ID) साथ रखना जरूरी है।
  • पवित्र मस्जिदों और रास्तों पर किसी भी तरह के राजनीतिक या sectarian झंडे लगाना और नारेबाजी करना सख्त मना है।
  • सुरक्षा कर्मियों को हज परमिट दिखाना अनिवार्य होगा, तभी मक्का और पवित्र स्थलों में प्रवेश मिलेगा।

नियम तोड़ने वालों के लिए कितनी भारी है सजा?

General Directorate of Traffic और Ministry of Interior ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। खासतौर पर उन लोगों पर नजर रखी जा रही है जो बिना परमिट के लोगों को ट्रांसपोर्ट कर रहे हैं।

उल्लंघन का प्रकार सजा और जुर्माना
बिना परमिट हज कराने वाले ट्रांसपोर्टर 6 महीने तक जेल, प्रति व्यक्ति 50,000 SAR जुर्माना और गाड़ी जब्त
बिना परमिट पवित्र स्थलों में पाए जाना 10,000 से 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना
प्रवासियों (Expats) के लिए जुर्माने और सजा के बाद देश से डिपोर्ट किया जाएगा और दोबारा आने पर बैन लगेगा

प्रशासन ने सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए हैं?

General Directorate of Traffic के प्रवक्ता कर्नल मंसूर अल-शकरा ने बताया कि पवित्र स्थलों के चारों तरफ सुरक्षा घेरा (Security Cordon) बनाया गया है। इसका मकसद बिना परमिट वाली गाड़ियों और मोटरसाइकिलों को रोकना है ताकि ट्रैफिक जाम न हो और जायरीनों की सुरक्षा बनी रहे। Ministry of Interior ने सभी नागरिकों और निवासियों से इन नियमों का पालन करने की अपील की है ताकि हज का सफर आसान हो सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बिना परमिट मक्का या पवित्र स्थलों में जाने पर कितना जुर्माना लगेगा?

बिना परमिट पकड़े जाने पर 10,000 से 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है और प्रवासियों को उनके देश डिपोर्ट किया जा सकता है।

यह पाबंदी कब से कब तक लागू रहेगी?

यह नियम 5 धुल-हिज्जा की आधी रात से शुरू होकर 13 धुल-हिज्जा के अंत तक लागू रहेगा।