सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने हज नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और प्रवासियों को देश से निकाला जा सकता है। यह नियम 18 अप्रैल से 31 मई तक लागू रहेंगे, इसलिए सभी लोग सावधानी बरतें और नियमों का पालन करें।

बिना परमिट हज करने पर क्या जुर्माना और सजा होगी?

अगर कोई व्यक्ति बिना परमिट के हज करता है या इसकी कोशिश करता है, तो उसे 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना देना होगा। यह नियम उन लोगों पर भी लागू होता है जिनके पास किसी भी तरह का विजिट वीज़ा है और वे मक्का या पवित्र स्थलों पर पाए जाते हैं। जो निवासी (Residents) इस नियम को तोड़ेंगे, उन्हें उनके देश वापस भेज दिया जाएगा और अगले 10 साल तक सऊदी अरब में दोबारा आने की अनुमति नहीं मिलेगी।

मदद करने वालों और गाड़ियों के लिए क्या नियम हैं?

उन लोगों पर और भी कड़ी कार्रवाई होगी जो बिना परमिट के हज करने में किसी की मदद करते हैं। ऐसे लोगों पर 1 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। इसमें विजिट वीज़ा लगवाना, मक्का तक पहुँचाना, रहने की जगह देना या किसी को छुपाना शामिल है। अगर किसी गाड़ी का इस्तेमाल इन नियमों को तोड़ने के लिए किया गया, तो उस गाड़ी को ज़ब्त भी किया जा सकता है।

नियमों की जानकारी और शिकायत कैसे करें?

मंत्रालय ने साफ किया है कि किसी भी विजिट वीज़ा के जरिए हज करना कानूनी नहीं है। अगर किसी को इन नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिलती है, तो वे मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी क्षेत्रों में 911 पर और बाकी जगहों पर 999 पर कॉल करके रिपोर्ट कर सकते हैं। जिन लोगों पर जुर्माना लगाया गया है, वे 30 दिनों के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और 60 दिनों के भीतर प्रशासनिक न्यायालय (Administrative Court) में अपील कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या विजिट वीज़ा पर हज करना कानूनी है?

नहीं, किसी भी प्रकार का विजिट वीज़ा हज करने की अनुमति नहीं देता है। बिना परमिट के हज करने पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।

हज नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रवासियों के साथ क्या होगा?

नियम तोड़ने वाले निवासी प्रवासियों को उनके देश वापस भेज दिया जाएगा और उन पर 10 साल का री-एंट्री बैन लगाया जाएगा।

ये नियम कब से कब तक लागू हैं?

ये सख्त नियम 1 धुल-क़िदा (18 अप्रैल) से लेकर 14 धुल-हिज्जा (31 मई) तक प्रभावी रहेंगे।