सऊदी अरब में हज 1447 AH (2026) के दौरान मक्का और पवित्र स्थलों के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। Saudi Public Security और Ministry of Interior ने चेतावनी दी है कि नियमों को तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। खासतौर पर विज़िट वीज़ा धारकों को बिना इजाजत रखने या उनकी मदद करने वालों के लिए अब बड़ी मुसीबत हो सकती है।

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जुर्माना और सख्त कार्रवाई के क्या नियम हैं?

Saudi Public Security के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति किसी भी तरह के विज़िट वीज़ा धारक को मक्का या पवित्र स्थलों में रहने के लिए जगह देता है या उन्हें छिपाकर रखता है, तो उस पर 1,00,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा। यह जुर्माना शामिल लोगों की संख्या के हिसाब से और भी बढ़ सकता है। साथ ही, इस काम में इस्तेमाल होने वाले किसी भी वाहन को सरकार द्वारा ज़ब्त कर लिया जाएगा।

विज़िट वीज़ा धारकों और प्रवासियों के लिए क्या पाबंदियां हैं?

सरकार ने साफ़ किया है कि विज़िट वीज़ा किसी भी तरह से हज करने की अनुमति नहीं देता है। जो लोग 18 अप्रैल 2026 से 1 जून 2026 के बीच बिना अनुमति मक्का में रुकने की कोशिश करेंगे, उन पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा, बिना परमिट के हज करने वाले निवासियों और ओवरस्टे करने वालों को देश से डिपोर्ट कर दिया जाएगा और उन पर 10 साल तक सऊदी अरब आने पर रोक लगा दी जाएगी।

शिकायत कैसे करें और वीज़ा एक्सपायर होने पर क्या करें?

Ministry of Interior ने लोगों से अपील की है कि नियमों के उल्लंघन की जानकारी मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत में 911 पर और बाकी जगहों पर 999 पर कॉल करके दें। वहीं, जिन लोगों का विज़िट वीज़ा एक्सपायर हो गया है, वे अब Absher प्लेटफॉर्म पर Tawasul सर्विस के ज़रिए केवल सऊदी अरब से वापस जाने के लिए अपने स्टे को बढ़ा सकते हैं। हज अवधि के दौरान Nusuk प्लेटफॉर्म के ज़रिए उमराह परमिट जारी करना भी बंद कर दिया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

विज़िट वीज़ा धारकों को मक्का में पनाह देने पर कितना जुर्माना लगेगा?

विज़िट वीज़ा धारकों को मक्का या पवित्र स्थलों में रहने के लिए जगह देने या उनकी मदद करने वालों पर 1,00,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

बिना परमिट हज करने वाले प्रवासियों पर क्या कार्रवाई होगी?

बिना परमिट के हज करने वाले निवासियों और ओवरस्टे करने वालों को सऊदी अरब से डिपोर्ट कर दिया जाएगा और 10 साल के लिए दोबारा प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.