Saudi Arabia Hajj Rules: मक्का में बिना परमिट घुसे तो लगेगा भारी जुर्माना, घर या होटल में छुपाने वालों की खैर नहीं
सऊदी अरब के Interior Ministry ने हज सीजन के दौरान मक्का और पवित्र स्थलों पर जाने वाले लोगों के लिए बहुत सख्त नियम लागू किए हैं। अब विजिट वीजा पर आए लोगों को बिना परमिट के पनाह देने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह खबर उन सभी प्रवासियों के लिए बहुत जरूरी है जो सऊदी अरब में रह रहे हैं या वहां यात्रा कर रहे हैं ताकि वे किसी कानूनी मुसीबत में न फंसे।
किसे और कितना जुर्माना देना होगा?
अगर कोई व्यक्ति किसी विजिट वीजा धारक को मक्का या पवित्र स्थलों पर रहने में मदद करता है या उन्हें छुपाता है, तो उस पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। यह जुर्माना होटल, अपार्टमेंट, निजी घरों या किसी भी शेल्टर फैसिलिटी में पनाह देने वालों पर लागू होगा। सरकार ने साफ किया है कि अगर एक से ज्यादा लोगों को छुपाया गया है, तो जुर्माने की राशि और बढ़ जाएगी। वहीं, बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वाले विजिट वीजा धारकों को 20 हजार रियाल तक का जुर्माना भरना पड़ेगा।
घुसपैठियों और गाड़ियों के लिए क्या सजा है?
- डिपोर्टेशन: बिना परमिट के मक्का में घुसने वाले निवासियों या ओवरस्टे करने वालों को उनके देश वापस भेज दिया जाएगा।
- एंट्री बैन: ऐसे लोगों पर सऊदी अरब में दोबारा आने के लिए 10 साल का प्रतिबंध लगाया जाएगा।
- गाड़ियों की जब्ती: जिन गाड़ियों का इस्तेमाल विजिट वीजा धारकों को अवैध तरीके से मक्का पहुँचाने के लिए किया जाएगा, कोर्ट के आदेश पर उन्हें जब्त किया जा सकता है।
नियम कब तक लागू रहेंगे और शिकायत कहाँ करें?
ये सख्त नियम धुल कादा 1 (19 अप्रैल) से शुरू होकर धुल हिज्जा 14 तक लागू रहेंगे। इस दौरान सभी से नियमों का पालन करने की अपील की गई है। अगर किसी को कोई उल्लंघन नजर आता है, तो वे मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत में 911 पर और सऊदी अरब के बाकी हिस्सों में 999 पर कॉल करके सूचना दे सकते हैं। जुर्माना लगने के बाद, प्रभावित व्यक्ति 30 दिन के भीतर संबंधित कमेटी में शिकायत दर्ज करा सकता है और उसके बाद 60 दिन के अंदर एडमिनिस्ट्रेटिव कोर्ट में अपील कर सकता है।