सऊदी अरब के कई शहरों में गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। 27 जून 2026 की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, तापमान में भारी बढ़ोतरी हुई है जिससे आम जनता और प्रवासियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज़्यादा गर्मी अल-अहसा और वादी अद-दावासिर में दर्ज की गई है।
प्रमुख शहरों का तापमान
तापमान के आंकड़ों पर नज़र डालें तो अल-अहसा और वादी अद-दावासिर में पारा 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दम्माम में अधिकतम तापमान 45 डिग्री रहा, जबकि रियाद और शरूरह में यह 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह मदीना, मक्का और बुरैदा में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग की चेतावनी
नेशनल सेंटर फॉर मीटियोरोलॉजी (NCM) ने इस भीषण गर्मी के बारे में पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी। विभाग ने बताया था कि 20 से 25 जून के बीच तापमान काफी बढ़ेगा। NCM ने लोगों को दोपहर की कड़ी धूप में बाहर न निकलने और बचाव के नियमों का पालन करने की सलाह दी थी। गर्मी के इस पूरे सीजन यानी जून, जुलाई और अगस्त के लिए जारी रिपोर्ट में कहा गया कि देश के सभी हिस्सों में तापमान सामान्य से ज़्यादा रहेगा।
सेहत और हज यात्रियों पर असर
सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को बाहर निकलते समय सावधानी बरतने को कहा है। मंत्रालय ने सनस्ट्रोक, हीट एग्जॉशन और स्किन की समस्याओं के प्रति आगाह किया है। मक्का में बढ़ते तापमान को देखते हुए हज यात्रियों के लिए विशेष स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने पर ज़ोर दिया गया है। वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन (WWA) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण हज के दौरान सुरक्षित तापमान का समय कम होता जा रहा है।
खेती पर प्रभाव
इस तेज़ गर्मी का असर खेती पर भी दिख रहा है। अल-अहसा ओएसिस में भीषण गर्मी की वजह से खजूर की फसल समय से पहले पक गई है। इस स्थिति को देखते हुए पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय ने अल-अहसा नगर पालिका के साथ मिलकर किसानों की मदद के लिए नए कदम उठाए हैं ताकि इस सीजन में आर्थिक नुकसान न हो।
