Saudi Weather Update: सऊदी अरब में बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड, सामान्य से 162% ज्यादा बरसे बादल, कई शहरों में रेड अलर्ट
सऊदी अरब में इन दिनों मौसम ने सबको हैरान कर दिया है। अप्रैल महीने के शुरुआती दिनों में ऐसी भारी बारिश हुई है जो सामान्य से बहुत ज्यादा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के हिसाब से बारिश की मात्रा में 162 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे कई शहरों में अलर्ट जारी किया गया है और जनजीवन पर असर पड़ा है।
बारिश के आंकड़े और रिकॉर्ड
नेशनल सेंटर फॉर मेटियोरोलॉजी (NCM) ने बताया कि 1 से 16 अप्रैल के बीच औसत बारिश 20.3 मिलीमीटर रही, जबकि सामान्य तौर पर यह 7.8 मिलीमीटर होती है। इस बार बारिश का स्तर काफी ऊपर गया है।
| जगह / स्टेशन | बारिश की मात्रा |
|---|---|
| Abha स्टेशन | 163 mm (दूसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड) |
| Hafar Al-Batin एयर बेस | 40.6 mm |
| Prince Naif Airport (Qassim) | 24.4 mm |
| औसत बारिश (1-16 अप्रैल) | 20.3 mm |
| सामान्य औसत बारिश | 7.8 mm |
| बारिश में कुल बढ़ोत्तरी | 162% |
किन शहरों में है खतरा और क्या है चेतावनी
मौसम विभाग ने 26 अप्रैल तक सऊदी अरब के ज्यादातर इलाकों में बारिश का अनुमान जताया है। सबसे ज्यादा बारिश उत्तरी सीमाओं और क़सीम, खासकर हेल (Hail) के इलाकों में होने की उम्मीद है। मदीना क्षेत्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ भारी बारिश के साथ ओले, तेज हवाएं और अचानक बाढ़ आने का खतरा है।
रियाद क्षेत्र में 20 से 24 अप्रैल तक मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार और शुक्रवार को सबसे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा मक्का, मदीना, रियाद, क़सीम, हेल, तबुक, पूर्वी प्रांत, उत्तरी सीमा, जौफ, अल-बहा, असिर, जाज़ान और नجرान में भी अलर्ट जारी किया गया है।
आम लोगों और प्रवासियों के लिए जरूरी निर्देश
सिविल डिफेंस ने लोगों से अपील की है कि वे पूरी सावधानी बरतें। लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने, बाढ़ वाले इलाकों से दूर रहने और घाटियों या नालों की तरफ न जाने की सलाह दी गई है। सऊदी रेड क्रिसेंट अथॉरिटी ने भी अपनी तैयारी बढ़ा दी है और एम्बुलेंस टीमों को तैनात किया गया है।
- खराब मौसम के कारण कई गवर्नरतों में स्कूलों में रिमोट लर्निंग यानी ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई है।
- लोगों को सरकारी मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म के जरिए अपडेट रहने को कहा गया है।
- अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि प्रभावित इलाकों में तैरने या पानी के पास जाने की गलती न करें।