सऊदी अरब के हेरिटेज कमीशन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों पर भारी जुर्माना लगाया है. इन लोगों ने बिना लाइसेंस के पुरानी और ऐतिहासिक वस्तुओं की खरीद-बिक्री की थी. ये लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन उन्होंने सरकारी नियमों के मुताबिक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था.
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बिना लाइसेंस प्राचीन वस्तुएं बेचना क्यों है गलत?
सऊदी अरब में प्राचीन वस्तुओं के व्यापार के लिए कड़े नियम हैं. यहाँ ‘एंटीक्विटीज, म्यूजियम और अर्बन हेरिटेज कानून’ लागू है, जिसे साल 2014 में मंजूरी मिली थी. इस कानून के तहत किसी भी ऐतिहासिक वस्तु को बेचने से पहले उसका पंजीकरण और दस्तावेजीकरण कराना अनिवार्य है. कानून की धारा 15 के मुताबिक, बिना जरूरी लाइसेंस के चल प्राचीन वस्तुओं और लोक विरासत की वस्तुओं की नीलामी करना पूरी तरह मना है.
जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की पूरी जानकारी
हेरिटेज कमीशन ने बताया कि पकड़े गए लोगों पर उनकी गलती की गंभीरता के हिसाब से जुर्माना लगाया गया है. यह जुर्माना 15,000 रियाल यानी करीब 4,000 डॉलर तक पहुँचा है. अधिकारियों ने इन सभी अवैध रूप से बेची जा रही कलाकृतियों को जब्त कर लिया है. सरकार का कहना है कि देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी.
अवैध बिक्री की शिकायत कहाँ और कैसे करें?
हेरिटेज कमीशन ने नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी ऐसी अवैध गतिविधि दिखे, तो तुरंत अधिकारियों को इसकी जानकारी दें. शिकायत करने के लिए निम्नलिखित माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है:
- एकीकृत सुरक्षा संचालन केंद्र (911) पर कॉल करके
- कमीशन के आधिकारिक सोशल मीडिया चैनल के जरिए
- आर्कियोलॉजिकल साइट रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर
- हेरिटेज कमीशन की किसी भी शाखा में जाकर
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब में बिना लाइसेंस प्राचीन वस्तुएं बेचने पर कितना जुर्माना लग सकता है?
मामले की गंभीरता के आधार पर जुर्माना लगाया जाता है, जो अधिकतम 15,000 रियाल (लगभग 4,000 डॉलर) तक हो सकता है.
अवैध प्राचीन वस्तुओं की बिक्री की शिकायत कहाँ करें?
इसकी शिकायत एकीकृत सुरक्षा संचालन केंद्र (911), सोशल मीडिया, हेरिटेज कमीशन की शाखाओं या आर्कियोलॉजिकल साइट रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म पर की जा सकती है.