सऊदी रक्षा मंत्रालय ने 30 जुलाई 2026 को रियाद में एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें 43 देशों के प्रतिनिधि और यूरोपीय संघ के सदस्य शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य मकसद एक नया समुद्री सुरक्षा गठबंधन तैयार करना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों और समंदर में मौजूद रणनीतिक ठिकानों को सुरक्षित रखा जा सके।

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गठबंधन में शामिल होंगे ये देश

इस गठबंधन का नेतृत्व खुद सऊदी अरब करेगा और इसका मुख्यालय भी रियाद में होगा। फिलहाल 14 देशों ने इसमें शामिल होने की अपनी सहमति दे दी है, जिनमें कुवैत, बहरीन, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, यमन, बांग्लादेश, नाइजीरिया, सूडान, जिबूती और सोमालिया जैसे देश शामिल हैं। इन देशों के प्रतिनिधियों ने गठबंधन के नियमों और काम करने के तरीके को लेकर चर्चा की।

क्यों पड़ी इस गठबंधन की ज़रूरत

हाल के दिनों में समुद्री जहाजों, तेल टैंकरों और जरूरी बुनियादी ढांचे पर बढ़ते हमलों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस गठबंधन का फोकस मुख्य रूप से बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य, लाल सागर और अदन की खाड़ी जैसे संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा करना है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि समुद्री व्यापार की रक्षा करना एक साझा अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है, ताकि दुनिया भर में जहाजों की आवाजाही बिना किसी डर के जारी रह सके।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.