सऊदी अरब पर बड़ा हमला, हूती विद्रोहियों ने दागे बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन, सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना.

Sushma Kumari12 August 20262 min read152 viewsSaudi
सऊदी अरब पर बड़ा हमला, हूती विद्रोहियों ने दागे बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन, सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना.

सना में ईरान समर्थित हूती विद्रोही समूह ने गुरुवार को एक बड़ा दावा किया है कि उसने सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और सैनिक जमावड़ों पर बड़े पैमाने पर हमला किया है। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का खुलकर इस्तेमाल किया गया, जिससे इलाके में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। इस पूरी घटना के बाद से आम जनता और वहां रहने वाले लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बन गया है, क्योंकि इस तरह के हमलों से क्षेत्रीय शांति पर असर पड़ता है।

किन-किन सैन्य शिविरों को बनाया गया निशाना

हूती संगठन के प्रवक्ता याह्या सरी ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि इस बार के हमले में मुख्य रूप से अल-रुवैक, अल-अबर और अल-थानियाह जैसे महत्वपूर्ण सैन्य शिविरों को निशाना बनाया गया है। इन शिविरों के अंदर मौजूद सऊदी सैनिकों पर यह कार्रवाई की गई है। समूह का यह भी कहना है कि उनका यह सैन्य अभियान बेहद सटीक और बड़े पैमाने पर चलाया गया था, ताकि उनके लक्ष्यों को आसानी से हासिल किया जा सके।

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हमले के पीछे की मुख्य वजह क्या है

हूती विद्रोहियों की तरफ से यह साफ किया गया है कि यह पूरी कार्रवाई उन कथित सैन्य तैयारियों का एक कड़ा जवाब थी, जिनके जरिए सऊदी अरब यमन के हूती-नियंत्रित क्षेत्रों के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों को और ज्यादा तेज करने की योजना बना रहा था। विद्रोहियों का मानना है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए इस तरह के कदम उठाने को मजबूर हैं, हालांकि इन दावों में कितनी सच्चाई है, इसकी पूरी पुष्टि अभी तक सामने नहीं आ सकी है।

स्थानीय मीडिया और सरकारी सूत्रों के आंकड़े

इस बीच, स्थानीय मीडिया ने कुछ सरकारी सूत्रों के हवाले से बहुत ही चौंकाने वाली जानकारी दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन खतरनाक हमलों की वजह से मारिब और हदरमौत प्रांतों के सैन्य शिविरों में कम से कम 30 यमनी सरकारी सैनिकों की जान चली गई है। हालांकि, सबसे बड़ी बात यह है कि हूती समूह ने अपने इन तमाम दावों के समर्थन में अभी तक कोई भी स्वतंत्र साक्ष्य यानी सबूत दुनिया के सामने पेश नहीं किया है। दूसरी तरफ, सऊदी अरब की सरकार या सेना की ओर से भी इस हमले को लेकर तत्काल कोई भी आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, जिससे स्थिति अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है।

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