सऊदी अरब के खिलाफ Houthi गुट की ओर से लगातार आ रही धमकियों और हालिया भड़काऊ बयानों पर अरब देशों ने कड़ी आपत्ति जताई है। 21 जुलाई 2026 को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने साफ कर दिया है कि वे इन धमकियों का जवाब पूरी ताकत और सख्ती से देंगे। यह प्रतिक्रिया Houthi गुट द्वारा 20 जुलाई 2026 को सऊदी अरब पर लगाए गए कथित समुद्री नाकेबंदी के दावों के बाद आई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा
संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर, जॉर्डन और मुस्लिम वर्ल्ड लीग जैसे प्रमुख संगठनों ने सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है। GCC के महासचिव Jassim Al-Budaiwi ने Houthi बयानों को आधारहीन बताते हुए कहा कि ये बातें केवल क्षेत्रीय स्थिरता बिगाड़ने के लिए कही जा रही हैं। वहीं, अरब लीग के महासचिव Nabil Fahmy ने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब की सुरक्षा और अखंडता अरब देशों की सुरक्षा का मुख्य हिस्सा है।
समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून
संयुक्त राष्ट्र ने भी लाल सागर में जहाजों की आवाजाही को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। यूएन प्रवक्ता Stephane Dujarric ने सभी पक्षों से तुरंत तनाव कम करने की अपील की है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2722 का पालन करने पर जोर दिया है। इससे पहले 14 जुलाई 2026 को भी सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से पर हुए मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की गई थी। सऊदी सेना के प्रवक्ता Major General Turki Al-Maliki ने बताया कि बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं।
