ग़ज़ा पट्टी में मुश्किल हालात के बीच सऊदी अरब ने एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाया है। 19 जून 2026 को सऊदी अरब का एक नया मानवीय सहायता काफिला ग़ज़ा पहुँचा। यह मदद उन परिवारों के लिए है जो इस समय बहुत बुरे दौर से गुज़र रहे हैं।

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Saudi Press Agency (SPAENG) द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह काफिला ग़ज़ा के लोगों की बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भेजा गया है। इस पूरे अभियान का संचालन किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) कर रहा है और ग़ज़ा में सऊदी सेंटर फॉर कल्चर एंड हेरिटेज इस मदद को सही लोगों तक पहुँचाने की ज़िम्मेदारी संभाल रहा है।

इस राहत सामग्री में मुख्य रूप से राशन के पैकेट शामिल हैं। इसके अलावा, KSrelief वहां गर्म खाने के लिए एक सेंट्रल किचन चला रहा है, पानी साफ़ करने के प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है और मलबे को हटाने में मदद कर रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दवाइयाँ और एम्बुलेंस भी भेजी गई हैं, जो विस्थापित कैंपों और शेल्टर में रह रहे ज़रूरतमंद परिवारों तक पहुँचाई जा रही हैं।

इसी दिन UN Security Council की एक इमरजेंसी मीटिंग में सऊदी अरब ने अरब ग्रुप की तरफ से कड़ा रुख अपनाया। सऊदी अरब ने मांग की कि ग़ज़ा में मानवीय मदद बिना किसी रुकावट के और लगातार पहुँचनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मदद को किसी राजनीतिक दबाव या सज़ा के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

सऊदी अरब ने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट में शांति के लिए फिलिस्तीनी मुद्दा सबसे अहम है। उन्होंने दो-राज्य समाधान (two-state solution) का समर्थन किया और कहा कि पूर्वी यरूशलेम की राजधानी वाला एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य बनना चाहिए। साथ ही, फिलिस्तीनियों के खिलाफ होने वाले हमलों की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत प्रयासों को बढ़ाने की अपील की।