सऊदी अरब ने गाजा में मुश्किल दौर से गुजर रहे लोगों की मदद के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया है. फिलिस्तीनी प्रतिनिधिमंडल ने सऊदी अरब द्वारा की गई इस मानवीय मदद और कूटनीतिक समर्थन की जमकर तारीफ की है. किंग सलमान रिलीफ सेंटर (KSrelief) के जरिए वहां के लोगों तक खाना और जरूरी सामान पहुंचाया गया है.
राहत कार्यों की बात करें तो 7 जून 2026 को KSrelief का एक काफिला गाजा पहुंचा, जिसमें खाद्य सामग्री से भरे बास्केट थे. इसी दिन सऊदी के सेंट्रल किचन ने गाजा के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में जरूरतमंद लोगों के लिए 24,800 गर्म भोजन के पैकेट बांटे. सऊदी अरब में फिलिस्तीन के राजदूत माज़ेन गानेम ने रियाद के इस रुख की सराहना करते हुए कहा कि यह मदद फिलिस्तीनी लोगों को अपनी जमीन पर डटे रहने की ताकत दे रही है.
मानवीय मदद के साथ-साथ सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी फिलिस्तीन का साथ दे रहा है. संयुक्त राष्ट्र में सऊदी प्रतिनिधि डॉ. अब्दुलअजीज अलवासिल ने सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग में हिस्सा लिया. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि फिलिस्तीन का मुद्दा मध्य पूर्व के विवाद की मुख्य वजह है. उन्होंने दो देशों के समाधान की मांग की, जिसमें पूर्वी जेरूसलम को एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की राजधानी बनाया जाए.
कूटनीतिक स्तर पर 6 जुलाई 2026 को क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से फोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि सऊदी अरब फिलिस्तीनी लोगों को उनके जायज हक दिलाने और एक उचित शांति स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
डॉ. अलवासिल ने 26 जून को गाजा की स्थितियों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया. उन्होंने दुनिया से अपील की कि आम नागरिकों और खासकर बच्चों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं. इससे पहले जनवरी 2026 में KSrelief के प्रमुख अब्दुल्ला बिन अब्दुलअजीज अल-राबियाह ने भी गाजा की मदद में सऊदी अरब की पुरानी और ऐतिहासिक भूमिका के बारे में जानकारी दी थी.
