Saudi Arabia Crackdown: सऊदी अरब में अवैध प्रवासियों पर बड़ी कार्रवाई, 14,487 लोग गिरफ्तार, अब होगी कड़ी सजा
Saudi Arabia के आंतरिक मंत्रालय ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है. 9 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चले इस राष्ट्रव्यापी अभियान में कुल 14,487 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सुरक्षा एजेंसियों और सरकारी विभागों ने मिलकर यह संयुक्त कार्रवाई की है ताकि देश के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके.
गिरफ्तारी और डिपोर्ट होने वालों का क्या है हिसाब?
इस अभियान के दौरान अलग-अलग कानूनों को तोड़ने वालों को पकड़ा गया है. इनमें सबसे ज्यादा संख्या रेजिडेंसी कानून का उल्लंघन करने वालों की थी. अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग अपनी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए दूतावासों में भेजे गए हैं. कुल 39,258 प्रवासी फिलहाल अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं से गुजर रहे हैं, जिनमें 35,460 पुरुष और 3,798 महिलाएं शामिल हैं.
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल गिरफ्तार प्रवासी | 14,487 |
| रेजीडेंसी कानून उल्लंघन | 7,911 |
| सीमा सुरक्षा नियम उल्लंघन | 3,588 |
| लेबर लॉ उल्लंघन | 2,988 |
| डिपोर्ट किए गए लोग | 12,554 |
| दूतावास भेजे गए लोग | 21,127 |
| ट्रैवल बुकिंग का इंतजार | 11,240 |
| अवैध प्रवेश की कोशिश | 1,382 |
अवैध प्रवासियों की मदद करने वालों पर क्या एक्शन होगा?
सऊदी सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. गृह मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति अवैध प्रवासियों को सऊदी अरब में घुसने, उन्हें ट्रांसपोर्ट करने, आश्रय देने या नौकरी दिलाने में मदद करता है, तो उसे 15 साल तक की जेल हो सकती है. साथ ही, ऐसे व्यक्ति पर 10 लाख सऊदी रियाल तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और इस्तेमाल की गई संपत्ति या वाहन को जब्त किया जा सकता है.
कंपनियों और आम लोगों के लिए क्या नियम हैं?
अवैध कर्मचारियों को काम पर रखने वाली कंपनियों के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं. ऐसी कंपनियों पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना लगेगा और कंपनी के मैनेजर को एक साल तक की जेल हो सकती है. अगर मैनेजर विदेशी है, तो उसे डिपोर्ट किया जा सकता है. इसके अलावा, ऐसी कंपनियों पर 5 साल तक नए कर्मचारी भर्ती करने पर रोक लगाई जा सकती है. सरकार ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी उल्लंघन की जानकारी मक्का, रियाद और पूर्वी प्रांत में 911 पर, और अन्य क्षेत्रों में 999 या 996 पर कॉल करके दें.