सऊदी अरब में सुरक्षा बलों ने एक हफ्ते के अंदर बड़ी कार्रवाई की है। पूरे देश में चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान 15,458 अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किया गया। सऊदी गृह मंत्रालय ने शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को इसकी आधिकारिक जानकारी दी। यह खबर वहां रह रहे सभी प्रवासियों, खासकर भारतीयों के लिए बहुत जरूरी है ताकि वे अपने कानूनी कागजात सही रखें।

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गिरफ्तारी और निर्वासन का पूरा ब्यौरा क्या है?

गृह मंत्रालय के मुताबिक 2 अप्रैल से 8 अप्रैल के बीच यह संयुक्त अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न कानूनों का उल्लंघन करने वालों को पकड़ा गया और कई लोगों को देश से बाहर भेजा गया।

विवरण संख्या
रेसिडेंसी कानून का उल्लंघन 8,440
बॉर्डर सिक्योरिटी कानून का उल्लंघन 4,054
लेबर कानून का उल्लंघन 2,964
देश से बाहर भेजे गए (Deported) 7,392
डिप्लोमैटिक मिशन भेजे गए लोग 22,942
ट्रैवल रिजर्वेशन के लिए भेजे गए 11,221

नियम तोड़ने पर क्या सजा मिलेगी और प्रवासियों को क्या करना चाहिए?

अवैध प्रवासियों को पनाह देने, उन्हें लाने-ले जाने या नौकरी पर रखने वालों के लिए बहुत कड़ी सजा का प्रावधान है। इसमें 15 साल तक की जेल और 10 लाख रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। साथ ही अपराध में इस्तेमाल वाहनों और प्रॉपर्टी को भी ज़ब्त किया जा सकता है। प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे Absher या Muqeem प्लेटफॉर्म पर अपने इकामा स्टेटस की नियमित जांच करते रहें और वीज़ा की समय सीमा खत्म होने से पहले उसे रिन्यू करवा लें।

2026 के नए नियम और विज़न 2030 का क्या असर है?

विज़न 2030 के तहत सऊदी अरब अब बायोमेट्रिक सर्विलांस और सख्त बॉर्डर सिक्योरिटी का इस्तेमाल कर रहा है ताकि अवैध प्रवासन को रोका जा सके। 2026 की पहली तिमाही में कुछ नए सुधार लागू किए गए हैं जो प्रवासियों पर असर डालेंगे।

  • अब 5 साल का फिजिकल इकामा (Resident ID) जारी किया जाएगा।
  • वर्क परमिट अब स्किल यानी हुनर के आधार पर दिए जाएंगे।
  • जनरल मैनेजर जैसे उच्च पदों पर अब केवल सऊदी नागरिकों को ही नियुक्त किया जाएगा।
  • सेल्फ-डेपोर्टेशन प्लेटफॉर्म और इमरजेंसी वीज़ा एक्सटेंशन की सुविधा शुरू की गई है।