सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्रालय ने स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए 12 अवैध वॉटर फैक्ट्रियों को बंद कर दिया है। इन फैक्ट्रियों में अज्ञात स्रोतों से पानी तैयार किया जा रहा था, जो लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। इस पूरी कार्रवाई के दौरान अवैध काम में शामिल कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि ये फैक्ट्रियां सुरक्षा और व्यापार के नियमों का उल्लंघन कर रही थीं। गिरफ्तार किए गए लोगों को सुरक्षा अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है, ताकि उन्हें कानून के हिसाब से कड़ी सजा मिल सके। सरकार का मकसद जरूरी सामानों के उत्पादन को कंट्रोल करना और ग्राहकों को खतरनाक उत्पादों से बचाना है।
नियमों में बदलाव और नई सख्ती
सऊदी कैबिनेट ने जून 2026 में वॉटर फैक्ट्रियों के नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं। अब वॉटर और आइस फैक्ट्रियों के लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। साथ ही, सऊदी अरब से बाहर बर्फ (Ice) के निर्यात पर रोक लगा दी गई है।
इसी बीच Saudi Water Authority (SWA) ने रियाद में कई वॉटर फिलिंग स्टेशनों को बंद किया है। ये स्टेशन बिना किसी आधिकारिक लाइसेंस के चल रहे थे, जो वॉटर लॉ का उल्लंघन था। SWA ने साफ किया है कि नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कौन करता है निगरानी
- Saudi Food and Drug Authority (SFDA): यह संस्था बोतलबंद पानी की क्वालिटी और हेल्थ स्टैंडर्ड्स की जांच करती है।
- वाणिज्य मंत्रालय: यह औद्योगिक लाइसेंस और ट्रेड रजिस्ट्रेशन जारी करता है और धोखाधड़ी रोकने वाले कानूनों को लागू करता है।
- नगरपालिका मंत्रालय: यह नगर पालिका लाइसेंस जारी करने का काम करता है।
सऊदी अरब में एंटी-कमर्शियल फ्रॉड लॉ के तहत नियमों को तोड़ने वालों को जेल, जुर्माना और देश से बाहर (Deportation) भेजने जैसी सजा दी जा सकती है। इससे पहले भी सरकार ने कसीम, रियाद और अल जोफ जैसे शहरों में गंदा पानी बेचने वाली कई फैक्ट्रियों पर कड़ी कार्रवाई की है।
