सऊदी अरब में अवैध रूप से रह रहे विदेशी प्रवासियों के खिलाफ सरकार ने बहुत सख्त रुख अपना लिया है। अप्रैल के महीने में दो बड़े अभियान चलाए गए, जिनमें हज़ारों लोगों को हिरासत में लिया गया और देश से बाहर निकाला गया। अगर आप या आपके जानकार सऊदी में रह रहे हैं, तो अपने कागजात और वीज़ा की स्थिति को तुरंत चेक कर लें क्योंकि अब नियमों में कोई ढील नहीं दी जा रही है।
सऊदी अरब में छापेमारी के दौरान कितने लोग पकड़े गए?
सऊदी सुरक्षा एजेंसियों ने अप्रैल 2026 में दो अलग-अलग चरणों में बड़ी कार्रवाई की है। पहली कार्रवाई 16 अप्रैल से 22 अप्रैल के बीच हुई, जिसमें 17,368 लोगों को देश से बाहर निकाला गया। इस दौरान 12,192 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 6,606 रेजिडेंसी नियमों का उल्लंघन करने वाले और 3,510 बॉर्डर सुरक्षा नियमों को तोड़ने वाले थे।
इससे पहले 2 अप्रैल से 8 अप्रैल के बीच भी एक अभियान चला था। इसमें 7,392 अवैध निवासियों को डिपोर्ट किया गया और 15,458 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 8,440 लोग प्रीमियम रेजिडेंसी कानून का उल्लंघन करने वाले थे, जबकि 4,054 बॉर्डर सुरक्षा और 2,964 लेबर लॉ के उल्लंघन के मामले थे।
वीज़ा और रेजिडेंसी के नए नियम क्या हैं?
सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि सभी प्रवासियों के पास वैध रेजिडेंसी और दस्तावेज़ होने चाहिए। नियमों की अनदेखी करने वालों को जेल, जुर्माना या डिपोर्टेशन का सामना करना पड़ेगा।
- हज और उमराह: हज के लिए नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म से परमिट और वीज़ा लेना जरूरी है। बिना परमिट के मक्का जाने वालों पर जुर्माना या जेल हो सकती है।
- उमराह वीज़ा: उमराह वीज़ा धारकों के लिए सऊदी अरब छोड़ने की आखिरी तारीख 18 अप्रैल 2026 तय की गई थी।
- ओवरस्टे की रिपोर्ट: अगर कोई विज़िट वीज़ा पर आया व्यक्ति समय सीमा खत्म होने के बाद भी रुकता है, तो इसकी सूचना देना जरूरी है। रिपोर्ट न करने पर 50,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना और 6 महीने की जेल हो सकती है।
किन सरकारी विभागों ने की यह कार्रवाई?
यह पूरा अभियान Ministry of Interior और सऊदी सुरक्षा एजेंसियों के तालमेल से चलाया गया। Public Security और General Directorate of Passports ने रेजिडेंसी, लेबर और बॉर्डर सुरक्षा नियमों को लागू करने में मुख्य भूमिका निभाई। सरकार ने कड़े निर्देश दिए हैं कि कोई भी नागरिक या बिजनेस मालिक अवैध प्रवासियों को नौकरी, रहने की जगह या मदद न दे, वरना उन पर भी कानूनी कार्रवाई होगी।