सऊदी अरब ने खाड़ी देशों (GCC) से आने वाले ट्रकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इन ट्रकों की ऑपरेशनल उम्र को बढ़ाकर 22 साल कर दिया है। यह घोषणा सऊदी के परिवहन और रसद मंत्री इंजीनियर सालेह बिन नासिर अल-जासर ने 26 मार्च 2026 को की। इस नए नियम से खाड़ी देशों के बीच सामान ढोने वाले व्यापारियों और ट्रक मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि अब वे अपने वाहनों का इस्तेमाल ज्यादा समय तक कर पाएंगे।

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सऊदी अरब ने ट्रकों के नियमों में क्या बदलाव किया है?

सऊदी परिवहन मंत्रालय ने साफ किया है कि अब खाड़ी देशों से आने वाले ट्रकों की समय सीमा 22 साल होगी। इससे पहले यह सीमा 20 साल तय की गई थी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब को दुनिया का बड़ा लॉजिस्टिक हब बनाना है। इसके साथ ही विजन 2030 के तहत सप्लाई चेन को और भी मजबूत किया जाएगा। पुराने ट्रकों को दो साल का अतिरिक्त समय मिलने से ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़े लोगों और खास तौर पर प्रवासियों को सीधा फायदा होगा जो इस क्षेत्र में काम करते हैं।

ट्रांसपोर्टर्स और व्यापारियों के लिए अन्य क्या सुविधाएं दी गई हैं?

सरकार ने सिर्फ ट्रकों की उम्र ही नहीं बढ़ाई है बल्कि ट्रांसपोर्ट बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई और बड़े ऐलान किए हैं। किंग अब्दुलअजीज पोर्ट (Dammam) में नई स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन जोन की शुरुआत की गई है। इससे जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

सुविधा का नाम विवरण
रेफ्रिजरेटेड ट्रक खाली रेफ्रिजरेटेड ट्रकों को सऊदी में सामान लोड करने के लिए घुसने की इजाजत मिलेगी।
स्टोरेज फीस छूट खाड़ी देशों के आयात और निर्यात के लिए 60 दिनों तक कोई स्टोरेज फीस नहीं लगेगी।
नया लॉजिस्टिक जोन दम्माम के पोर्ट पर स्टोरेज और सामान बांटने के लिए विशेष केंद्र बनाया गया है।
सप्लाई चेन पड़ोसी देशों के बीच सामान की आवाजाही को पहले से ज्यादा आसान बनाया गया है।

इन बदलावों से उन भारतीय और अन्य विदेशी ड्राइवरों को भी फायदा होगा जो खाड़ी देशों के बीच ट्रक चलाते हैं। नियमों में ढील मिलने से बॉर्डर पर कागजी कार्रवाई और पुराने वाहनों के प्रतिबंधों में कमी आएगी जिससे काम का बोझ कम होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.