सऊदी अरब और भारत के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। 27 मई 2026 को सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला अल सऊद और भारत के विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक साइप्रस के लिमासोल में आयोजित यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की एक अनौपचारिक बैठक के दौरान हुई।
साइप्रस में किस बैठक के दौरान मिले दोनों देशों के नेता?
यह चर्चा यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की एक अनौपचारिक बैठक के दौरान हुई जिसे “Gymnich” कहा जाता है। यह बैठक साइप्रस के लिमासोल में 27 मई से 28 मई 2026 तक आयोजित की गई थी। इस बैठक में भाग लेने के लिए दोनों देशों के मंत्रियों को काउंसिल ऑफ द यूरोपियन यूनियन की साइप्रस प्रेसीडेंसी द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। इस आमंत्रण के बाद दोनों नेताओं को आपस में बैठकर बातचीत करने का मौका मिला।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई मुख्य चर्चा?
बैठक के दौरान मुख्य रूप से सऊदी अरब और भारत के बीच के पुराने और मजबूत संबंधों को और आगे ले जाने पर चर्चा हुई। इस बैठक में साइप्रस गणराज्य के विदेश मंत्री कॉन्सटेंटिनोस कोम्बोस और यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि काजा कल्लास भी मौजूद रहीं। हालांकि मुख्य बैठक के एजेंडे में मध्य पूर्व के घटनाक्रम, यूक्रेन युद्ध और यूरोपीय सुरक्षा रणनीति जैसे वैश्विक मुद्दे शामिल थे, लेकिन इसके साथ ही भारत और सऊदी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भी अहम बातचीत हुई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब और भारत के विदेश मंत्रियों की यह बैठक कहाँ हुई?
यह बैठक साइप्रस के लिमासोल में Gymnich नामक यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की एक अनौपचारिक बैठक के दौरान हुई।
इस बैठक में सऊदी अरब और भारत की तरफ से किसने हिस्सा लिया?
इस बैठक में सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला अल सऊद और भारत के विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने हिस्सा लिया।