सऊदी अरब के मक्का में एक भारतीय हाजी के साथ बड़ा चमत्कार हुआ है। हज यात्रा के दौरान इस हाजी का दिल पूरी तरह से धड़कना बंद हो गया था। किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी (King Abdullah Medical City) के डॉक्टरों ने आधुनिक मोबाइल ईसीएमओ (ECMO) तकनीक का इस्तेमाल करके इनकी जान बचा ली। इलाज सफल होने के बाद अब यह हाजी सुरक्षित तरीके से अपनी धार्मिक यात्रा को पूरा कर रहे हैं। इस घटना की आधिकारिक जानकारी 24 मई 2026 को सऊदी मीडिया आउटलेट ‘अखबार अल-सऊदीया’ द्वारा दी गई है।
मोबाइल ईसीएमओ (ECMO) तकनीक से कैसे बची भारतीय हाजी की जान?
जब भारतीय हाजी का दिल पूरी तरह से रुक गया था, तो डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए मोबाइल ईसीएमओ (Extracorporeal Membrane Oxygenation) मशीन का इस्तेमाल किया। यह तकनीक शरीर के बाहर से ही मरीज के अंगों को ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती है। किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी के डॉक्टरों की इस तुरंत कार्रवाई से मरीज को नया जीवन मिला। इलाज के बाद मरीज पूरी तरह ठीक है और अपनी इबादत को बिना किसी रुकावट के जारी रखे हुए है।
किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी का बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड
किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी तीर्थयात्रियों की जान बचाने के लिए हमेशा आधुनिक उपकरणों से तैयार रहता है। मई 2026 में ही अस्पताल के हार्ट सेंटर ने अलग-अलग देशों के नौ तीर्थयात्रियों की जान मात्र 72 घंटों के भीतर बचाई थी। इस अस्पताल में रोबोटिक हार्ट सर्जरी, ओपन-हार्ट सर्जरी और सटीक कैथीटेराइजेशन जैसी एडवांस सुविधाएं हर वक्त मौजूद रहती हैं ताकि जरूरतमंद लोगों को तुरंत इलाज मिल सके।
स्मार्ट डिवाइस से रखी जाती है मरीजों की सेहत पर नजर
मक्का में बीमार पड़े यात्रियों के इलाज के बाद उनकी विशेष देखभाल की जाती है। मरीजों को स्मार्टवॉच जैसे स्मार्ट डिवाइस दिए जाते हैं। यह डिवाइस लगातार मरीज के दिल की धड़कन और अन्य जरूरी शारीरिक संकेतों को ट्रैक करते रहते हैं। इससे सेहत में होने वाले किसी भी बदलाव का पहले ही पता चल जाता है और तीर्थयात्री सुरक्षित तरीके से मक्का में अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर पाते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मोबाइल ईसीएमओ तकनीक क्या काम करती है?
मोबाइल ईसीएमओ (ECMO) तकनीक दिल और फेफड़े काम बंद करने की स्थिति में मरीज के शरीर के बाहर से ही रक्त में ऑक्सीजन का प्रवाह बनाए रखती है और उसकी जान बचाती है।
इस घटना की आधिकारिक पुष्टि कब और किसने की?
इस घटना की आधिकारिक पुष्टि सऊदी अरब के मीडिया संस्थान ‘अखबार अल-सऊदीया’ द्वारा 24 मई 2026 को की गई थी।